एसआई को महंगा पड़ा गाली बकना, एसपी ने किया लाइन अटैच

सीहोर। सिद्दीकगंज थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक लोकेश नेवारे को राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ता से गाली-गलौज और अभद्रता करना भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर गाली-गलौज का वीडियो वायरल होने और संगठन द्वारा थाने का घेराव करने की चेतावनी देने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। मामले की गंभीरता और विवाद बढ़ता देख पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एएसआई लोकेश नेवारे को सिद्दीकगंज थाने से हटाकर लाइन अटैच कर दिया है।
राष्ट्रीय बजरंग दल के खाचरोद प्रखंड अध्यक्ष देवेंद्र सिंह और हेमंत सिंह को एक वाहन से गौ-तस्करी होने की सूचना मिली थी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने के बाद भी जब कोई कदम नहीं उठाया गया तो उन्होंने खुद अपनी टीम के साथ संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया। कार्यकर्ताओं को पीछे आते देख वाहन चालक चलती गाड़ी से गायों को सडक़ों पर उतारकर आष्टा की ओर भाग निकले। वापस लौटते समय कार्यकर्ताओं ने वही वाहन विद्यांचल ढाबे के पास खड़ा देखा। पूछताछ में वाहन चालकों ने स्वीकार किया कि वे चार मवेशी लेकर आए थे और उन्हें ढाबे के पास उतारा था।
बिना पूछताछ शुरू कर दी अभद्रता
इसी दौरान सूचना मिलने पर डायल-112 और एएसआई लोकेश नेवारे एक निजी वाहन से मौके पर पहुंचे। आरोप है कि एएसआई नेवारे ने मौके पर पहुंचकर बिना कोई पूछताछ किए राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से गाली-गलौज, अभद्रता और मारपीट शुरू कर दी।
थाना घेराव की चेतावनी के बाद एक्शन
एएसआई द्वारा की गई अभद्रता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे। घटना से नाराज राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आष्टा एसडीओपी दामोदर गुप्ता को एसपी के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषी एएसआई के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही मांग पूरी न होने पर सिद्दीकगंज थाने का घेराव करने की चेतावनी दी।
जांच में सही पाया वीडियो
मामले की जांच में वीडियो सही पाया गया, जिसमें एएसआई अनावश्यक रूप से गाली-गलौज करते दिख रहे थे। इसके बाद एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एएसआई को लाइन अटैच कर दिया।

 

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