
सीहोर। सीहोर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पिछले दो वर्षों से वित्त आयोग का बजट न मिलने के कारण विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। राशि के अभाव में गांवों में चबूतरा निर्माण, पानी की टंकी, पुलिया और सौंदर्यीकरण जैसे अति-आवश्यक जनहित के काम बीच में ही रुक गए हैं। इस प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज जनपद अध्यक्ष नावड़ी बाई सुरसिंह बारेला ने मंगलवार को जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द बजट जारी करने की मांग की है।
जनपद अध्यक्ष नावड़ी बाई बारेला ने बताया कि सीहोर जनपद पंचायत के अंतर्गत अध्यक्ष और 25 जनपद सदस्य आते हैं। ग्रामीण इलाकों में आम नागरिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए वित्त आयोग से मिलने वाली राशि ही मुख्य माध्यम होती है। वर्ष 2024 में 15वें वित्त आयोग की राशि आखिरी बार प्राप्त हुई थी। इसके बाद से अब तक 5वें राज्य वित्त आयोग की रुकी हुई राशि और चालू वित्तीय वर्ष की 16वें वित्त आयोग की राशि जनपद को आवंटित नहीं की गई है।
पूर्व में भी दिए आवेदन, नहीं हुई कोई सुनवाई
सीईओ को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि फंड न मिलने से जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में ग्रामीणों की मांग के अनुसार काम कराने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद अध्यक्ष के अनुसार इससे पूर्व भी 18 मई को डाक पोस्ट ऑफिस और अन्य प्रशासनिक माध्यमों से शासन-प्रशासन को कई बार आवेदन भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
शासन स्तर से जल्द राशि जारी करने की मांग
जनपद अध्यक्ष ने जनपद सीईओ के माध्यम से शासन से मांग की है कि जनपद अध्यक्ष और सभी 25 जनपद सदस्यों की निधि में रुकी हुई 5वें वित्त आयोग और चालू वर्ष के 16वें वित्त आयोग की बकाया राशि जल्द से जल्द जारी की जाए। उन्होंने कहा कि जैसे ही बजट स्वीकृत होगा, ग्रामीण क्षेत्रों में रुके हुए विकास कार्य और जनहित की योजनाएं दोबारा शुरू हो सकेंगी, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी।