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सनातन धर्म, भारत माता का विरोध करने वाले असुर: पं मोहितराम पाठक

जावर। सनातन धर्म और भारत माता का विरोध करने वाले इंसान नहीं हो सकते हैैं। वे या तो असुर हैं या देशविरोधी ताकते हैं। हम सभी सनातनीजन हैं और हम सब का कर्तव्य बनता है कि भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व में जहां भी सनातन धर्म की जो भी संत ध्वजा फहरा रहे हैं उनका सम्मान करें, लेकिन विरोध ताकतोें को उखाड़ फेंकें। अपने राष्ट्र, अपने गौरव, अपनी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र की रक्षा हमको अवश्य करना चाहिए, क्योंकि राष्ट्रधर्म सनातन धर्म ही हम सब सनातनी जनों की मूल पूंजी है। उक्त उद्गार प्राचीन शिवालय मंदिर प्रांगण नगर जावर में चल रही सप्त दिवसीय श्रीरूद्र शिव महापुराण में व्यास पीठ से संत पंडित मोहितराम पाठक ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण, भोले शंकर सहित हमारे देवी-देवता धर्म की रक्षा के लिए असुरों का संहार करते हैं उसी प्रकार हम सब लोगों को भी अपने धर्म, अपनी संस्कृति, अपने राष्ट्र के लिए अतुल प्रवृत्ति और राष्ट्र विरोधियों को परास्त करना होगा। यही हमारी सच्ची शिव महापुराण, श्रीराम कथा, भागवत कथा कह लाएगी, क्योंकि जो धर्म जो राष्ट्र अपना गौरव खो देता है वह पराधीन हो जाता है और पराधीन सपने सुख नाही। इसलिए आओ हम सब अपने धर्म की रक्षा करें। कथा के दौरान बड़ी धूमधाम से भगवान गोरी के लाल गणेश का जन्म महोत्सव मनाया गया, सुंदर झांकी के रूप में भगवान गणेश पधारे तो संपूर्ण पंडाल जय जयकारों से झूम उठा। सभी श्रोता जनों और भक्तों ने भगवान गणेश को हल्दी कुमकुम चंदन धुर्वा चढ़ाकर पूजन किया। कथा के दौरान विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय सहमंत्री सुनील शर्मा, जगदीश कुशवाहा, गोपाल राठी, प्रदीप साबू, बृजेश पाराशर, नरेंद्र शर्मा, रामगोपाल सेन, राजेश शर्मा, मंगलेश वर्मा, रमेश मुल्लानी सहित बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्रों से पधार रहे सभी शिव भक्त, भगवत प्रेमियों ने व्यास गादी का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन समिति प्राचीन शिवालय मंदिर भाटी खेड़ा रोड नगर जावर जिला सीहोर ने समस्त क्षेत्रवासियों से कथा में पधार कर धर्म लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
हर सनातनी के पास पहुंचेंगे रुद्राक्ष-
शिव महापुराण के अनुसार रुद्राक्ष भगवान शिव की हम सनातनियों के लिए अनमोल प्रसादी है। यह हमारे कई प्रकार के संकट वक्ताओं को दूर करते हैं। वही रुद्राक्ष शिव मंदिर प्रांगण भाटी खेड़ा रोड जावर में व्यास गादी से 51000 अभिमंत्रित सिद्ध रुद्राक्ष वितरण किया जाएगा। ये बातें व्यास गादी से नगर जावर में चल रही शिव महापुराण कथा के दौरान कथा व्यास संत पंडित मोहितराम ने कही। उन्होंने कहा कि यदि इस संसार में संत, महात्मा, महापुरुष, योगी नहीं होते तो यह संसार जल जाता। संतों की साधना, आराधना, भक्ति, त्याग, विराग, तब और सत्य पर टिका हुआ है। यह ब्रह्मांड और वह अपनी ईश्वर भक्ति के द्वारा प्रभु भक्तों का पीड़ा का दुख का पाप का अंत करते हैं, इसीलिए संत कहलाते हैं।
वरिष्ठ समाजसेवी प्रहलाद दास अजमेरा ने दिए 21 हजार 500 रूपए-
वरिष्ठ समाजसेवी, वरिष्ठ व्यापारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय सदस्य प्रहलाददास अजमेरा ने जावर के अति प्राचीन शिवालय धाम में मंदिर निर्माण के लिए अपनी तरफ से 21 हजार 500 रूपए मंदिर के जीर्णाेद्धार के लिए दान दिए। इससे पहले भी प्रहलाद दास अजमेरा जावर के प्रमुख मंदिरों में निर्माण के लिए राशि दान दे चुके हैं। विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर में प्रहलाद दास अजमेरा ने स्कूल भवन निर्माण के लिए अपनी जमीन विद्या भारती शिशु मंदिर परिवार को दान में दी थी। जावर मां महिषासुर मर्दिनी मंदिर निर्माण हो या श्री बालाजी खेड़ापति सरकार का मंदिर निर्माण या राधा कृष्ण मंदिर निर्माण सभी मंदिरों में वरिष्ठ समाजसेवी पहलाद दास अजमेरा जी राशि दान कर चुके हैं। अति प्राचीन शिवालय मंदिर निर्माण के लिए 21 हजार 500 रूपए राशि दान देने पर कथा वाचक मोहित राम पाठक द्वारा और समिति के सभी सदस्यों द्वारा वरिष्ठ समाजसेवी प्रहलाद दास अजमेरा का शाल, श्रीफल और पुष्प माला से स्वागत किया गया।

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