कलेक्ट्रेट के सामने फांसी…!

सीहोर। कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचकर मंगलवार को सूदखोरों से पीडि़ता महिला ने सांकेतिक फांसी लगा ली। महिला का कहना था कि कोतवाली पुलिस को सूदखोरों के विरुद्ध पुख्ता सबूत उपलब्ध कराए हैं। सूदखोरों ने पति को जहर खाने के लिए मजबूर कर दिया लेकिन पुलिस ने अब तक सूदखोर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। आरोपियों के द्वारा लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है और मदद करने वाले लोगों को भी धमकाया जा रहा है। या तो पुलिस प्रशासन कार्यवाही करें या फिर मुझे भी फांसी पर लटका दे।
गंगा आश्रम निवासी ज्योति बेस पत्नी रुद्र प्रताप ने कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार के सामने आम के पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर सांकेतिक फांसी लगाने की कोशिश की। कलेक्ट्रेट के सुरक्षाकर्मी ने महिला को ऐसा करने से रोका और जनसुनवाई सभागार कलेक्ट्रेट में लेकर पहुंचे। यहां पर तहसीलदार अमित सिंह ने सांकेतिक फांसी लगाने वाली ज्योति को सीएसपी अभिनंदना शर्मा से मिलने के लिए कहा।
मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए ज्योति बेस ने कहा कि फॉरेस्ट कॉलोनी के रहने वाले सूदखोरों ने मेरे पति रुद्र प्रताप को अपने जाल में बुरी तरह फंसा लिया था। सूदखोर होने दूसरे ढाई रुपए प्रतिशत पर ब्याज पर पैसा दे रहे थे अचानक 10 से 20 प्रतिशत ब्याज लेना शुरू कर दिया। अब तक 10 लाख रुपए के स्थान पर 60 लाख अदा कर चुके हैं। पति ने ब्याजखोरों से परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर कीटनाशक जहर भी खा लिया था, भोपाल स्थित अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। पीडि़ता ज्योति ने बताया कि सूदखोरों को ब्याज के पैसे देने के चक्कर में मेरा मकान बिक गया है पूरे गहने बिक चुके हैं। किराए के मकान में रह रहे हैं बच्चों की पढ़ाई भी बंद हो गई है।
कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, तहसीलदार, सीएसपी, कोतवाली टीआई सभी को शिकायत कर चुकी हूं, लेकिन अब तक सूदखोरों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। जबकि कोतवाली थाना पुलिस को पूरे सबूत भी उपलब्ध करा दिए हैं फिर भी पति अस्पताल में भर्ती हैं और सूदखोर आजाद घूम रहे हैं। मुझे न्याय नहीं मिलता है तो अब मैं सचमुच ही कलेक्ट्रेट में फांसी लगा लूंगी जिसका जिम्मेदार सूदखोर, शासन प्रशासन और पुलिस विभाग होगा। न्याय दो वरना दो फांसी दो।

 

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