
सीहोर। उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और किसानों को सहूलियत देने के उद्देश्य से कलेक्टर बालागुरु के. ने रेहटी और भैरूंदा स्थित मूंग उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के नाम पर बिचौलिये या व्यापारी अवैध रूप से अपनी मूंग न बेच सकें, इसके लिए अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
रेहटी उपार्जन केंद्र के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वेयर से अपने सामने मूंग की गुणवत्ता परीक्षण की पूरी प्रक्रिया कराई। उन्होंने नमी की जांच, छोटे-बड़े दानों की छंटाई और मिट्टी-अशुद्धियों को अलग करने की विधि का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर ने हिदायत दी कि प्रत्येक किसान की उपज की जांच निष्पक्ष और तय मानकों के आधार पर ही होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में अमानक उपज की तुलाई न की जाए और गड़बड़ी मिलने पर संबंधित सर्वेयर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वेयरहाउस भरने से 2 दिन पहले दें सूचना
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने रेहटी में समिति प्रबंधकों और अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई वेयरहाउस भरने वाला हो तो उसकी सूचना कम से कम दो दिन पहले जिला उपार्जन समिति को दें, ताकि पास के दूसरे वेयरहाउस में खरीदी बिना रुके जारी रखी जा सके। बारदाने, क्यूआर कोड और तौल सामग्री की कोई कमी न हो। जिन किसानों के स्लॉट की समय-सीमा खत्म होने वाली है, उनकी तुलाई को प्राथमिकता दी जाए। केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने के पुख्ता इंतजाम रहें।
किसानों से अपील, स्लॉट वाले दिन ही केंद्र पहुंचे
कलेक्टर ने रेहटी केंद्र पर मौजूद किसानों से बातचीत की और अपील की कि वे अपनी स्लॉट बुकिंग वाले दिन या उससे केवल एक दिन पहले ही उपज लेकर केंद्र आएं। कई दिन पहले से आकर इंतजार करने से भीड़ बढ़ती है और असुविधा होती है। शासन की मंशा के अनुरूप हर पात्र किसान का मूंग खरीदा जाएगा। निरीक्षण के दौरान बुधनी एसडीएम संजीव कुमार नागू, भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह, रेहटी तहसीलदार सपना झिलेरिया सहित कृषि व सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।