सावधान! सीहोर की सडक़ों पर सक्रिय हुई ‘एक्सीडेंट फ्रॉड’ गैंग
झूठा एक्सीडेंट बताकर सरकारी कर्मचारी से लूटे 10 हजार, आप भी रहें सतर्क

सीहोर। शहर की सडक़ों पर इन दिनों ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हुआ है जो आपको झूठे एक्सीडेंट में फंसाकर और पुलिस थाने का डर दिखाकर सरेराह पैसे ऐंठ रहा है। हाल ही में जंगली अहाते के पास एक सरकारी कर्मचारी इस गिरोह की साजिश का शिकार हो गया, जिससे ठगों ने डरा धमकाकर 10 हजार रुपये वसूल लिए।
जानकारी के अनुसार बीती 27 फरवरी को सुबह करीब 10.20 बजे एक सरकारी कर्मचारी अपनी कार से कार्यालय जा रहे थे, तभी जंगली अहाते के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। युवकों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी ने अपनी कार से अस्पताल चौराहे पर एक लडक़े को टक्कर मारी है, जिससे उसका पैर टूट गया है। कार चालक के यह कहने पर कि उनकी गाड़ी से कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ, ठगों ने चिल्ला चोट शुरू कर दी और भीड़ इक_ा कर ली।
पैसे ऐंठने के लिए बनाया सिंडिकेट
पीड़त के मुताबिक आरोपियों ने पहले 50 हजार रुपये की मांग की। डराने के लिए उन्होंने हरिजन थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और गाली गलौज का आरोप लगाने की धमकी दी। इसी बीच भीड़ में शामिल कुछ अन्य लोग भी वहां आ पहुंचे, जो खुद को स्थानीय निवासी बता रहे थे। नाटक को असली दिखाने के लिए उन लोगों ने घायल लडक़े को अपनी तरफ से 2-2 हजार रुपये मदद के तौर पर दिए, ताकि पीडि़त पर दबाव बने। अंत में घबराकर पीडि़त ने उन्हें 10 हजार रुपये दे दिए। बाद में समझ आया कि मदद करने वाले लोग भी उसी गिरोह का हिस्सा थे। पीडि़त कर्मचारी ने इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। यह मामला सामने आने के बाद शहर के वाहन चालकों में चिंता है।
इन बातों का रखें ध्यान
– अगर कोई चलते वाहन को रोककर झूठे एक्सीडेंट का आरोप लगाए, तो घबराएं नहीं।
– तुरंत वहां से भागने या पैसे देने के बजाय पुलिस की डॉयल 112 सेवा को कॉल करें।
– अगर कोई भीड़ जमा करके दबाव बनाए तो उन्हें कहें कि थाने चलकर बात करते हैं।
– संदिग्ध लोगों की गाड़ी का नंबर या फोटो लेने की कोशिश करें।



