भैरूंदा पुलिस की कार्रवाई, अपहरण की गई नाबालिग बरामद, आरोपी युवक गिरफ्तार

सीहोर। भैरूंदा थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण की शिकार एक नाबालिग लडक़ी को सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायालय में पेश किया गया। आरोपी पर अपहरण के साथ-साथ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट के तहत गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गत 19 मई को शिकायतकर्ता ने भैरूंदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी का किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस ने ऐसे बिछाया जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। अनुविभागीय अधिकारी भैरूंदा रोशन कुमार जैन के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी घनश्याम दांगी के नेतृत्व में इस टीम ने काम शुरू किया। पुलिस की गठित टीम ने सायबर सेल की मदद ली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हर संभावित ठिकाने पर दबिश दी। इसी दौरान पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि नाबालिग लडक़ी और आरोपी ग्राम पटरानी में छिपे हुए हैं।
शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म, बढ़ीं धाराएं
पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम पटरानी थाना हरणगांव जिला देवास में दबिश देकर नाबालिग लडक़ी को आरोपी उमेश उईके वर्ष के कब्जे से सकुशल दस्तयाब कर लिया। पुलिस आरोपी और नाबालिग को लेकर थाने आई, जहां महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में पीडि़ता के बयान दर्ज किए गए। अपने बयानों में नाबालिग ने बताया कि आरोपी उमेश उईके उसे शादी का झांसा देकर भगा ले गया था और उसने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पीडि़ता के इन बयानों और मेडिकल परीक्षण के आधार पर पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए केस में पाक्सो एक्ट की धारा का इजाफा किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अपहरण के मामले को सुलझाने व नाबालिग को सुरक्षित बचाने में उपनिरीक्षक पूजा सिंह राजपूत, सहायक उपनिरीक्षक सूरज सिंह सल्लाम, प्रधान आरक्षक दिनेश जाट, आरक्षक प्रकाश नर्रे और महिला आरक्षक प्रीति काजले की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।



