Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशराजनीतिकरेहटीसीहोर

सीहोर में भाजपा कोर-कमेटी के सदस्यों की अनदेखी, नगर मंडल की भी नहीं हो सकी घोषणा

- पिछले दिनों हुई बैठकों में नहीं बुलाए गए कोर-कमेटी के सदस्य, बैठकों का नहीं मिल रहा आमंत्रण

सीहोर। भाजपा का मूलमंत्र भले ही सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास हो, लेकिन सीहोर में भारतीय जनता पार्टी के अंदर बगावत भी दिखाई दे रही है। नेताओं में आपसी फूट भी सामने आ रही है। यही कारण है कि सीहोर में होने वाली भाजपा कोर-कमेटी की बैठकों में पदाधिकारियों की ही अनदेखी की जा रही है। उन्हें बैठकों का आमंत्रण ही नहीं मिल रहा है। इधर नेताओं की आपसी खींचतान के चलते सीहोर नगर मंडल की कार्यकारिणी भी अब तक अटकी हुई है। जिले के 24 मंडलों में से 23 मंडलों की कार्यकारिणी घोषित हुए दो माह से अधिक समय हो गया है, लेकिन सीहोर नगर मंडल की कार्यकारिणी अटकी हुई है। नगर मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति द्वारा सूची जिलाध्यक्ष को सौंपी जा चुकी है, लेकिन कार्यकारिणी की घोषणा अब तक नहीं होना पार्टी के अंदर नेताओं की खींचतान को भी दर्शाता है।
दबी जुवां में बाहर आ रही नेताओं की टीस-
पदाधिकारियों, नेताओं की अनदेखी की टीस भी अब दबी जुवां में बाहर आने लगी है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी द्वारा सीहोर जिले में जिलाध्यक्ष की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन अभी नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ है। ऐसे में पूर्व जिलाध्यक्ष रवि मालवीय की कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारी ही वर्तमान दायित्व भी निभा रहे हैं, लेकिन इन पदाधिकारियों की लगातार अनदेखी की जा रही है और उन्हें पूर्व मान लिया गया है। यही कारण है कि दो-तीन महीने में आयोजित हुई कोर कमेटी की बैठकों का बुलावा इन सदस्यों को नहीं मिला है। पार्टी सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी की गाइड लाइन अनुसार जिलाध्यक्ष बदलाव के बाद जब तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं होता, तब तक पुराने जिलाध्यक्ष की कार्यकारिणी ही मान्य रहती है। वर्तमान में भी यही धारणा है। तत्कालीन जिलाध्यक्ष रवि मालवीय के समय गठित कार्यकारिणी के पदाधिकारी आज भी अपने नाम के साथ पुराने पदों को लगा रहे हैं, साथ ही मंच भी साझा कर रहे हैं। हालांकि अब इनके मान-सम्मान में कमी आ गई है। यही वजह है कि बीते दो बार से आयोजित हो रही कोर कमेटी की बैठक में कुछ सदस्यों को बुलावा ही नहीं भेजा गया।
कोर कमेटी में शामिल रहे ये सदस्य-
पूर्व जिलाध्यक्ष रवि मालवीय के कार्यकाल में कोर कमेटी में जो सदस्य शामिल रहे उनमें जिला प्रभारी मंत्री, जिला प्रभारी बहादुर सिंह मुकाती, तीनों सांसद, चारों विधायक करण सिंह वर्मा, सुदेश राय, रमाकांत भार्गव, गोपाल सिंह इंजीनियर, पूर्व जिलाध्यक्ष सीताराम यादव, तीनों महामंत्रीद्वय राजकुमार गुप्ता, धारासिंह पटेल, रवि नागले, पूर्व वन विकास निगम अध्यक्ष गुरुप्रसाद शर्मा और रघुनाथ सिंह भाटी शामिल रहे।
कोर कमेटी का यह काम-
बीजेपी पदाधिकारियों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी जिला कोर कमेटी द्वारा बैठक आयोजित की जाती है। इस बैठक की सूचना सभी सदस्यों को दी जाती है। बैठक में जिले में होने वाले तबादले, योजनाओं के क्रियान्वयन सहित जिले से संबंधित अन्य विषयों को लेकर चर्चा की जाती है। कोर कमेटी में सर्वसहमति से लिए जाने वाले निर्णयों को आगे बढ़ाया जाता है।
दोनों बैठकों में नहीं बुलाया-
बीते दो-तीन महीने में जिला कोर कमेटी की दो बैठक आयोजित की गई। पहली बैठक राजधानी भोपाल में आयोजित हुई। इस बैठक में जिले के कई मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। इसी तरह दूसरी बैठक जिला मुख्यालय पर तीन-चार दिन पहले ही आयोजित हुई। दोनों ही बैठकों की सूचना कोर कमेटी के कुछ सदस्यों तक नहीं पहुंची, जिसकी वजह से वह बैठक में शामिल नहीं हो सके।
इधर अटकी हुई है सीहोर नगर मंडल की कार्यकारिणी-
जिले में भारतीय जनता पार्टी ने अपने 24 में से 23 मंडलों की कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है, लेकिन सीहोर नगर मंडल की कार्यकारिणी स्थानीय नेताओं के बीच में फंस गई है। दरअसल नगर मंडल की कार्यकारिणी मंडल अध्यक्ष सुदीप प्रजापति द्वारा भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा को सौंप दी गई है, लेकिन अब तक कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो सकी है। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि सीहोर की स्थानीय राजनीति के कारण कार्यकारिणी की घोषणा अब तक नहीं हो पा रही है। नेताओं में अपने समर्थकों को एडजस्ट कराने की होड़ लगी हुई है। ऐसे में कार्यकारिणी की घोषणा नहीं हो पा रही है। बताया जा रहा है कि सीहोर नगर मंडल कार्यकारिणी में 6 उपाध्यक्ष, 2 महामंत्री, 6 मंत्री, मीडिया प्रभारी, कार्यालय मंत्री सहित कार्यकारिणी सदस्य शामिल हैं।
ये बोले महामंत्री-
राजकुमार गुप्ता जिला भाजपा महामंत्री सीहोर ने बताया कि जब तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं होता, तब तक महामंत्री मैं हूं। रही बात कोर कमेटी बैठक की तो प्रदेश नेतृत्व की मंशा के अनुसार पार्टी ने नहीं बुलाया होगा, पार्टी का निर्णय सर्वाेपरि है। धारासिंह पटेल जिला महामंत्री भाजपा ने बताया कि जब तक नई कार्यकारिणी का गठन नहीं हो जाता, तब तक मैं महामंत्री हूं। आयोजित होने वाली बैठकों में गाइड लाइन के अनुसार ही पदाधिकारियों को बुलाया जाता है। पार्टी का निर्णय ही हमें सर्वमान्य है। रवि नागले भाजपा जिला महामंत्री ने बताया कि बैठक की सूचना मुझे नहीं मिली। हालांकि पार्टी नेतृत्व से ही तय होता है किस-किस सदस्य को बैठक में बुलाना है। पार्टी का निर्णय ही हमारे लिए सर्वाेपरि है।
बैठक नहीं, आम चर्चा थी-
बीते दिनों जो भोपाल में बैठक हुई थी, उसमें मैं अपने स्वास्थ्य कारणों की वजह से शामिल नहीं हुआ। जिला मुख्यालय की बैठक, कोर कमेटी की बैठक नहीं थी, आम चर्चा थी। नई कार्यकारिणी का गठन होना है, इसलिए आम चर्चा के दौरान जिलाध्यक्ष-विधायकों से विचार-विमर्श होता है। पार्टी की कोर कमेटी की बैठक व्यवस्थित होती है, बकायदा रजिस्टर मेंटेन किया जाता है।
– बहादुर सिंह मुकाती, भाजपा जिला प्रभारी, सीहोर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Gli amici spesso consigliano di aprire un blog, ma i loro suggerimenti non funzionano sempre: obiettivi, pubblico e strumenti richiedono valutazioni precise. Per evitare errori, conviene esaminare meglio il tema. In autunno, ecco cosa accade al fegato chiudi il coperchio: i germi volano Tra scrivere ogni giorno e pubblicare solo quando nasce un'idea forte, ho sempre preferito il secondo metodo: un blog personale cresce meglio con una voce riconoscibile, anche se gli aggiornamenti arrivano meno spesso.