
सीहोर। रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक दुखद घटना इछावर थाना क्षेत्र से सामने आई थी। यहां एक सगे बड़े भाई ने ही अपने छोटे भाई की धारदार हथियार से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझा ली है और आरोपी भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना का खुलासा तब हुआ जब 26 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि सतपिपलिया निवासी अंकुश परमार का शव गांव के कच्चे रास्ते पर हेमराज के खेत की मेड़ पर पड़ा है। मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से वार के कई निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी सुनीता रावत के निर्देशन में एसडीओपी भेरूंदा रोशन कुमार जैन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
शराब के नशे में गाली देना बना हत्या का कारण
पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना पर मृतक के बड़े भाई देवेंद्र परमार को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी देवेंद्र ने बताया कि 25 अप्रैल की रात करीब 10.30 बजे उसका छोटा भाई अंकुश शराब के नशे में घर आया और माता-पिता सहित उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगा। गुस्से में आकर देवेंद्र ने घर में रखी लंबी दरांती से अंकुश पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
साक्ष्य मिटाने के लिए ट्रैक्टर से फेंकी लाश
हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छुपाने की भी पूरी कोशिश की। उसने अंकुश के शव को अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉली में लादा और गांव के बाहर कच्चे रास्ते पर फेंक दिया। आरोपी ने अपने खून से सने कपड़े घर के पास खेत में जला दिए और हत्या में इस्तेमाल की गई दरांती को भी खेत में छुपा दिया।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। आरोपी देवेंद्र परमार को गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया गया। इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में एसडीओपी रोशन कुमार जैन, थाना प्रभारी घनश्याम दांगी, एफएसएल अधिकारी डॉ. कुलदीप मालवीय, उनि शिवलाल वर्मा और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।