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बुधनी विधानसभा : “शिव” बनाम “हनुमान” में हो सकता है मुकाबला !

- मुख्यमंत्री के सामने कांग्रेस उतार सकती है विक्रम मस्ताल शर्मा को चुनाव मैदान में

सुमित शर्मा, सीहोर।
9425665690
मध्यप्रदेश में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। चुनावी तैयारियोें कोे लेकर जहां राजनीतिक दल बैठकें करके रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं तोे वहीं चुनाव जिताउ प्रत्याशियों पर भी नजर दौड़ने लगी है। प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा, कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा सहित अन्य क्षेत्रीय दल भी अपनी-अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। श्रावण एवं अधिकमास केे बीच में राजनीतिक माहौल भी गरमाने लगा है। इस बार विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दों के अलावा हिन्दुत्व एवं अध्यात्मक की चर्चाएं भी जोरों पर होने की संभावनाए हैं। इन सब संभावनाओें कोे लेकर भी राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियां कर रही हैं।
चर्चाओं के केंद्र में रही बुधनी विधानसभा सीट-

Sehore district wise Assembly Constituencies Madhya Pradesh Election map 2018

चुनावी माहौल में मध्यप्रदेश के सीहोेर जिले की बुधनी विधानसभा सीट हमेशा चर्चाओें के केंद्र मेें रही है। बुदनी विधानसभा सीट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौैहान की सीट है। वे यहीं से चुनावी मैदान में उतरते हैं। शिवराज सिंह चौैहान पिछले 17 वर्षों से बुदनी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस बार भी वे बुधनी विधानसभा से ही चुनाव मैैदान में उतरेंगे। इसको लेकर उनकी तैैयारियां भी चल रही हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लगातार बुधनी विधानसभा में कार्यक्रम तय किए जा रहे हैं। बुधनी विधानसभा से कांग्रेस इस बार शिवराज सिंह चौहान केे सामनेे हनुमानजी यानी विक्रम मस्ताल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारकर मुकाबले कोे चुनौतीपूर्ण बना सकती है। हनुमान यानी विक्रम मस्ताल शर्मा रामायण में बजरंग बली का किरदार निभाकर चर्चाओें में आए। इसके अलावा वे कई फिल्मों में भी बड़े पर्दे पर अपनी अभिनय क्षमता सिद्ध कर चुके हैैं और अब उनकी राजनीतिक पारी की भी शुरूआत हो गई है। विक्रम मस्ताल शर्मा कोे पीसीसी चीफ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कराई है औैर अब कांग्रेस पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री केे सामनेे बुधनी विधानसभा से चुनाव मैदान में उतार सकती है। विक्रम मस्ताल शर्मा (हनुमानजी) मूलरूप से बुधनी विधानसभा के सलकनपुर-इटारसी के निवासी हैं। यहां पर वे किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनका परिवार हमेशा से कांग्रेस पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहा है। विक्रम मस्ताल शर्मा के छोटे भाई अर्जुन शर्मा निक्की भी बुधनी विधानसभा के युवा नेता हैं और वे पीसीसी में प्रदेश सचिव जैसे कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैैं। कांग्रेस ने अर्जुन शर्मा निक्की को बैतूल विधानसभा का प्रभारी भी नियुक्त किया है। कांग्रेस इसका लाभ ले सकती हैै और विक्रम मस्ताल शर्मा कोे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सामने प्रत्याशी बनाकर उतार सकती है।
कांग्रेस ज्वाइन करते ही सौंपी है बड़ी जिम्मेदारी-
विक्रम मस्ताल शर्मा (हनुमानजी) को पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कराने के बाद बड़ी जिम्मेदारी सौैंपते हुए उन्हें नर्मदा सेवा सेना का संयोजक बनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में हनुमानजी यानी विक्रम मस्ताल शर्मा नर्मदा सेवा सेना की तैयारियों में जुटे हुए हैं। हनुमानजी युवा चेहरा होने के साथ-साथ सेलेब्रिटी भी हैं और वे सामाजिक कार्योें से भी लगातार जुड़े रहते हैं। विक्रम मस्ताल शर्मा अपने क्षेत्र के सामाजिक कार्यों में हमेशा सक्रियता के साथ भूमिका निभाते हैं।
बाहरी प्रत्याशी का हो रहा विरोध-
सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से पिछले कई चुनावों में कांग्रेस पार्टी बाहरी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारती रही है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेेता अरूण यादव को टिकट दिया था तो वहीं 2013 में बुधनी विधानसभा सेे कांग्रेस ने महेंद्र सिंह चौैहान को टिकट दिया था। इस बार सीहोर जिले में कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बाहरी प्रत्याशी का लगातार विरोध कर रहे हैं। कई बैठकों में भी यह मुद्दा उठ चुका है, इसलिए इस बार कांग्रेस बाहरी प्रत्याशियों पर दांव नहीं खेलतेे हुए किसी स्थानीय नेता कोे मुख्यमंत्री के सामने चुनावी मैदान में उतारेगी।
ब्राह्म्ण प्रत्याशी की होती रही है जीत-
बुधनी विधानसभा क्षेत्र में कुछ अपवादों को छोेड़ दिया जाए तोे चाहे विधानसभा चुनाव होे या लोकसभा चुनाव हो, जब भी यहां से ब्राह्म्ण प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं उन्होंने जीत दर्ज कराई है। लोकसभा चुनाव मेें कांग्रेस प्रत्याशी प्रतापभानु शर्मा दो बार विजयी हुए हैं तो वहीं वर्तमान भाजपा सांसद रमाकांत भार्गव भी ब्राह्म्ण वर्ग से हैं। 1993 के विधानसभा चुनाव में गुरूप्रसाद शर्मा को जरूर कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेेल से शिकस्त मिली थी, लेकिन वे भी 1745 वोटोें के अंतर से ही चुनाव हारे थे। राजकुमार पटेेल को 45,177 वोट मिले थेे तो वहीं गुरु प्रसाद शर्मा को 43,432 वोट प्राप्त हुए थे। इसलिए इस बार भी कांग्रेस ब्राह्म्ण चेहरेे पर दांव लगाकर चुनाव को चुनौैतीपूर्ण बना सकती है।
ये है मतदाताओं एवं वोटरोें की संख्या-
बुधनी विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 44 हजार 580 है। इनमें पुरूष मतदाता 1 लाख 27 हजार 847, महिला मतदाता 1 लाख 16 हजार 724 एवं अन्य मतदाताओं की संख्या 9 है। यहां पर सबसे ज्यादा वोट आदिवासी समाज की है। 70-75 हजार से अधिक वोट बैंक आदिवासी वर्ग का है तो वहीं 50-55 हजार के करीब वोट ब्राह्म्णों-सवर्णों के हैं। इसी प्रकार ओबीसी वर्ग केे वोटरों की संख्या भी 40-45 हजार के आसपास है। 20 हजार के करीब वोट अल्पसंख्यक वर्ग की भी हैं। इसी तरह अन्य वर्गोें के वोटर्स भी हैं।
बुदनी को बनाया जा रहा रोल मॉडल-
बुदनी विधानसभा सीट मध्यप्रदेश की सबसेे महत्वपूर्ण सीटों में शुमार है। यही कारण है कि इस सीट पर सभी राजनीतिक दलों की नजर होती है। अब बुदनी विधानसभा को मध्यप्रदेश केे लिए रोड मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इस विधानसभा कोे इस तरह से बनाया जा रहा है, ताकि मध्यप्रदेश के लिए यह रोल मॉडल बने और अन्य विधानसभाओं का विकास भी बुदनी की तरह हो। सीहोर जिले की सबसे महत्वपूर्ण इस सीट पर सभी की नजर भी होती है, इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब कांग्रेस के छिंदवाड़ा मॉडल को टक्कर देने के लिए बुदनी मॉडल भी तैयार किया है। यहां पर प्रज्जवल बुदनी के तहत विकास एवं निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। बुदनी विधानसभा के तहत आने वाले प्रमुख विजासन धाम सलकनपुर को महाकाल लोक की तर्ज पर देवीलोक में बदला जा रहा है। यहां पर देवीलोक का निर्माण कराया जा रहा है। इसी तरह आसपास के पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्रों को भी सुंदर बनाने का कार्य किया जा रहा है। पूरे बुदनी विधानसभा में विकास की नई तस्वीर सामने आएगी, जो कि मध्यप्रदेश के अन्य विधानसभाओं के लिए एक रोड मॉडल के तौर पर सामने रहेगी।
ये है बुदनी विधानसभा का इतिहास-
1957 राजकुमारी सूरज कला भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962 बंसीधर स्वतंत्र
1967 मोहन लाल शिशिर भारतीय जनसंघ
1972 शालिग्राम वकील स्वतंत्र
1977 शालिग्राम वकील जनता पार्टी
1980 केएन प्रधान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (इंदिरा)
1985 चौहान सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1990 शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी
1992 (पोल द्वारा) मोहन लाल शिशिर भारतीय जनता पार्टी
1993 राजकुमार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1998 देव कुमार पटेल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2003 राजेन्द्र सिंह राजपूत भारतीय जनता पार्टी
2006 (पोल द्वारा) शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी
2008 शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी
2013 शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी
2018 शिवराज सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी
————————————-
बुधनी विधानसभा 2018 की स्थिति –
क्र. प्रत्याशी                            पार्टी             वोट
1. शिवराज सिंह चौहान           भाजपा          123492
2. अरुण सुभाषचंद्र यादव        कांग्रेस           64493
3. रेवराम सल्लम                   गोंगपा            8152
4. संजीव कुमार                     बसपा            1683
5. हेमराज पेठारी                   निर्दलीय         1386
6. प्रेम सिंह                           निर्दलीय          672
7. शेखर चौहान                     निर्दलीय          628
8. विमलाश आरबी                आप               535
9. वीना                               एसएचएस        380
10. गुंडेश कुमार खंबरा          निर्दलीय         335
11. अब्दुल रशीद                  निर्दलीय         328
12. राधेश्याम शर्मा भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी 307
13. प्रेमनारायण                    निर्दलीय          302
14. बृजेश गुप्ता                    जयलोक पार्टी   260
15. अमर सिंह                      निर्दलीय          233

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