सावधान! काम के लिए सरकारी कार्यालय जा रहे हैं तो नहीं जाएं इस दिन, क्योंकि साहब व्यस्त हैं

- सप्ताह में दो दिन बुधवार-गुरूवार को होगा काम

सीहोर। यदि आपको अपने काम के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय से लेकर किसी भी सरकारी कार्यालय में जाना है तो सप्ताह में बुधवार-गुरूवार को ही जाएं, क्योंकि साहब इन दो दिनों में आपको मिल सकते हैं। यदि साहब इन दिनों भी छुट्टी पर हैं तो फिर आपका काम इन दो दिनों में भी नहीं होगा। दरअसल ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि शासकीय कार्यालयों में सोमवार से शुक्रवार तक वर्किंग-डे होता है। शनिवार-रविवार को अवकाश रहता है। यह व्यवस्था कोरोनाकाल से है। सोमवार से शुक्रवार के बीच में सोमवार को टीएल बैठक, मंगलवार को जनवाई एवं शुक्रवार को शिविरों में साहब व्यस्त रहते हैं। बुधवार और गुरूवार को मिलने की उम्मीद रहती है।
कोरोना के बाद से सोमवार से शुक्रवार तक ही सरकारी कार्यालयों में कामकाज होता है। शनिवार और रविवार को अवकाश का दिन होता है। इन पांच दिनों में भी प्रत्येक सोमवार को टीएल बैठक होती है। इसमें कलेक्टर के साथ सभी विभागों के जिला प्रमुख, एसडीएम भी शामिल होते हैं। मंगलवार को जनसुनवाई आयोजित होती है और इसमें कलेक्टर से लेकर सभी अधिकारी व्यस्त रहते हैं। बुधवार-गुरूवार दो दिनों तक कामकाज दिनभर होता है। अब शुक्रवार का दिन मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के तहत शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनने के लिए तय किया गया है। ऐसे में अधिकारी शुक्रवार को भी कार्यालयों में नहीं बैठते हैं। शनिवार-रविवार को अवकाश के कारण कोई कामकाज नहीं होता है।
दूरदराज से आते हैं लोग, लौटना पड़ता है खाली हाथ-
सीहोर जिला मुख्यालय पर लोग दूरदराज से आते हैं। ऐसे में अधिकारियों के नहीं मिलने के कारण उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है। सीहोर जिले के सबसे आखिरी गांव 200 किलोमीटर से ज्यादा हैं। बुधनी ही करीब 135 किलोमीटर है तो वहीं शाहगंज, बकतरा तक से भी लोग 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय करके सीहोर पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें भारी परेशानियां आती हैं। इसी तरह आष्टा, भैरूंदा, रेहटी तहसील के लोगों को भी सीहोर तक अपने कार्यों के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में अधिकारी नहीं मिलते हैं तो उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ता है।

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