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सीहोर: कलेक्टर प्रवीण सिंह का नवाचार, बच्चों की ली वर्चुअल क्लास, एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने भी दिए यूपीएससी के टिप्स

- कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से हिन्दी, अंग्रेजी में लिखवाए एवं पढ़वाए पाठ, करवाए जोड़-घटाने के सवाल

सीहोर। सीहोर जिले में गुरूवार को कलेक्टर प्रवीण सिंह ने एक बार फिर से नवाचार करते हुए बच्चों की वर्चुअल क्लास लगाई। इस दौरान उन्होंने कक्षा पहली, दूसरी तथा तीसरी के बच्चों से ब्लैकबोर्ड पर हिन्दी, अंग्रेजी में पाठ लिखवाए एवं पढ़वाए। इसके अलवा जोड़-घटाने के सवाल भी करवाए। इस दौरान सख्ती दिखाते हुए एक शिक्षक को कारण बताओ नोटिस भी जारी करने के निर्देश दिए। इधर जिले के पुलिस कप्तान दीपक कुमार शुक्ला ने भी यूपीएससी, एमपीपीएससी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पहंुचकर उन्हें इस परीक्षा के टिप्स दिए एवं उनका मार्गदर्शन किया।
बुनियादी शिक्षा और गुणवत्ता में सुधार लाने की कवायद –
बुनियादी शिक्षा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रवीण सिंह ने गुरूवार से जिले में नवाचार शुरू किया है। उन्होंने आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ावा देने के लिए बच्चों की वर्चुअल क्लास ली। इस नवाचार के तहत कलेक्टर प्रवीण सिंह अब जिले के सरकारी स्कूलों के कक्षा पहली, दूसरी तथा तीसरी के बच्चों की वर्चुअल क्लास लेंगे। इस वर्चुअल क्लास के माध्यम से कलेक्टर जिले के किसी भी स्कूल के कक्षा पहली, दूसरी तथा तीसरी के बच्चों को हिन्दी, अंग्रेजी विषयों के किसी भाग को पढ़ना, लिखना तथा गणित में जोड़-घटाव के बारे में पढ़ाएंगे एवं ब्लेकबार्ड पर बच्चों से सवाल कराएंगे। कलेक्टर प्रवीण सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता बहुत उम्मीद के साथ अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूलों में कराते हैं। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी हो जाती है कि उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप हम बच्चों को शिक्षित करें। उन्होंने आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता को बढ़ावा देने के लिए बच्चों की वर्चुअल क्लास ली। उन्होंने बताया कि एफएलएन कार्यक्रम के तहत बच्चों को पढ़ने, समझने, लिखने और सरल अंकगणित करने के कौशल सिखाए जाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें पढ़ाने के नए-नए तरीके सिखाए जाते हैं। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को पढ़ाई बोझिल न लगे, इसके लिए कई तरह के प्रयास किए जाते हैं।
शिक्षकों और बच्चों से ऑनलाइन संवाद –
कलेक्टर प्रवीण सिंह ने ऑनलाइन वीडियो कान्फ्रेंस कर रेंडमली बच्चों की भाषा में पढ़ने की गति एवं गणितीय संक्रियाओं की समझ की जांच की। उन्होंने मिशन अंकुर एफएलएन कार्यक्रम की प्रगति को समझने के लिए शालाओं के शिक्षकों और बच्चों से ऑनलाइन संवाद किया। कलेक्टर द्वारा इस वर्चुअल क्लास में भाषा में बच्चों से धाराप्रवाह में पढ़ने की गति, गणित में संख्या ज्ञान के अंतर्गत हासिल सहित जोड़-घटना तथा अंग्रेजी भाषा में पढ़ने के कौशल देखने के लिए बोर्ड पर लिखवाया गया। कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा वर्चुअल क्लास के दौरान प्राथमिक शाला जौनपुर बावड़िया की निशा परमार, प्राथमिक शाला भोमदा बुधनी के हरिओम कीर, प्राथमिक शाला अकावलिया भैरुंदा की संजू जैमिन, माध्यमिक शाला गवाखेड़ी आष्टा के कृपाल सिंह ठाकुर, शा.हा. स्कूल पगारियाराम आष्टा की कोमल मालवीय एवं अरविंद लोवंशी से संवाद किया गया।
इन बच्चों की कलेक्टर ने ली क्लास –
कलेक्टर प्रवीण सिंह ने माध्यमिक शाला खेड़ा टप्पर, बुधनी के कक्षा दूसरी एवं तीसरी के दिशा, सिया, बुलबुल, डाली, निशा, हिमांशु, ताहिरा, प्रिया सहित अन्य बच्चों से कहानी का पठन एवं जोड़ घटाव के सवाल हल करवाए। इस संवाद कार्यक्रम में सीहोर डीपीसी रमेशराम उइके, एपीसी अभिषेक भार्गव, मिशन अंकुर टीम एवं एफएलएन के शिक्षक उपस्थित रहे।
प्राथमिक शिक्षक को कारण बताओ नोटिस-
कलेक्टर प्रवीण सिंह ने संवाद के दौरान सीहोर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला मुरदी के प्राथमिक शिक्षक विनोद उपाध्याय द्वारा एफएलएन आधारित प्रश्न का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
अनुशासन, अच्छी आदत और नियमित अध्ययन से मिलती है सफलता: एसपी दीपक कुमार शुक्ला
सीहोर जिले के पुलिस कप्तान दीपक कुमार शुक्ला ने कहा है कि यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हेतु तीन चीजों का ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है। पहला अच्छी आदतों और उचित माइंडसेट का होना, दूसरा एग्जाम निकालने के लिए उचित दिशा का पता होना और तीसरा जो सीखा है उसे अभिव्यक्त (रीप्रोड्यूस) कर पाना। वे सीहोर के टाउन हॉल लाइब्रेरी कक्ष पर संचालित निःशुल्क यूपीएससी एमपीपीएससी कोचिंग क्लासेस में अध्यनरत अभ्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। निःशुल्क कोचिंग क्लासेस के सहायक संचालक नीतू लोधी एवं हितिश दुबे सहित अभ्यर्थी छाया मालवीय, मिनाक्षी ठाकुर, वंदना वर्मा, विशाल बारेला, मंजू गौर और विजयराज राठौड़ उपस्थित थे। एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने अभ्यर्थियों को अपना सर्वाेत्तम देने के लिए कहा और बताया कि यह एग्जाम एक मैराथन या फिर कहे तो एक टेस्ट मैच की तरह है। अगर हम शुरुआत से ही तेज भागने का प्रयास करेंगे तो जल्द ही थक जाएंगे, इसलिए एक दिन में जितना आपका दिमाग ग्रहण कर पाए उतना ही पढ़ें। परीक्षा के पास आने पर पढ़ाई के घंटे बढ़ाएं जा सकते हैं। उन्होंने स्वयं के अवलोकन के लिए पाठ्यक्रम एवं पुराने वर्षों में पूछे गए प्रश्नों को समझने और निरंतर टेस्ट देते रहने की सलाह दी। उल्लेखनीय है कि समय-समय पर अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन एवं आदर्श परिवार एवं आधुनिक नालंदा निःशुल्क कोचिंग क्लासेस के संस्थापक परीक्षित भारती के सहयोग से निःशुल्क कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 8 से 10 तक नियमित रविंद्र सांस्कृतिक भवन लाइब्रेरी कक्ष टाउन हॉल सीहोर में सभी वर्गों के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए लगती है। जहां जिलेभर के जरूरतमंद अभ्यर्थी जाकर अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

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