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वनाधिकार पट्टों में देरी पर कलेक्टर सख्त, लापरवाह अफसरों को लगाई फटकार, दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के विकास कार्यों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कड़ा रुख अपनाया है। टीएल बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से वन ग्रामों के संपरिवर्तन, वन पट्टों के मिलान और वन मित्र पोर्टल पर लंबित दावों में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित राजस्व और वन अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शासन की प्राथमिकता वाले इन कार्यों में लापरवाही जारी रही तो कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने और वन पट्टों के रकबे के मिलान का कार्य जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि वन मित्र पोर्टल पर दर्ज व्यक्तिगत दावों का निराकरण समय सीमा में होना चाहिए ताकि पात्र हितग्राहियों को उनका हक मिल सके।
कलेक्टर ने लिए दो बड़े फैसले
फसल कटाई सीजन को देखते हुए कलेक्टर बालागुरू ने बिजली लाइनों की स्पार्किंग से खड़ी फसल में आग न लगे, इसके लिए उन्होंने दिन के समय बिजली सप्लाई बंद रखने के निर्देश दिए हैं। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम या हैप्पी सीडर जैसे अतिरिक्त अटैचमेंट लगवाना अनिवार्य होगा। इससे फसल जमीन के करीब से कटेगी और नरवाई कम बचेगी।
एचपीवी टीकाकरण की समीक्षा
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग को आपसी तालमेल से कार्य करने को कहा। वहीं प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना में सीहोर नगरपालिका द्वारा सबसे कम पंजीयन किए जाने पर उन्होंने घोर नाराजगी जताई और कैंप लगाकर श्रमिकों को जोडऩे के निर्देश दिए।
देरी की तो लगेगा जुर्माना
बैठक में कलेक्टर ने साफ कर दिया कि लोक सेवा गारंटी के तहत आने वाले आवेदनों में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, जो अधिकारी तय समय में काम नहीं करेंगे, उन पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने संकल्प से समाधान अभियान के कैंप भी समय पर आयोजित करने के निर्देश दिए।
पीडि़तों को मिले डेढ़ लाख का मुफ्त इलाज
सडक़ दुर्घटनाओं के मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि हिट एंड रन मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने याद दिलाया कि पीएम राहत योजना के तहत सडक़ दुर्घटना के घायलों को 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार नि:शुल्क मिलता है, जिसका लाभ हर पात्र पीडि़त को मिलना चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह सहित जिले के सभी आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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