भूमि आवंटन और भू.अर्जन में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, अफसरों को लगाई फटकार

सीहोर। जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. का सख्त रुख देखने को मिला। बैठक में उन्होंने सभी विभागों के लंबित प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समय-सीमा के भीतर संतुष्टिपूर्ण निराकरण होना चाहिए।
विभिन्न विभागों द्वारा भूमि आवंटन के आधे-अधूरे प्रस्ताव भेजने पर गहरी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में सभी प्रकरण आवश्यक दस्तावेजों और पूरी जानकारी के साथ ही प्रस्तुत किए जाएं, ताकि आवंटन प्रक्रिया में देरी न हो।
इन 5 बड़े मुद्दों पर कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश
नेशनल हाईवे और रेलवे के भू.अर्जन कार्यों में लाएं तेजी
बैठक में नेशनल हाईवे और रेलवे परियोजनाओं के लिए चल रहे भू-अर्जन कार्यों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करें और इससे जुड़े सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें ताकि विकास कार्य न रुकें।
पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक संस्थानों की होगी नियमित जांच
नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कलेक्टर ने जिले में संचालित पटाखा फैक्ट्रियों और विस्फोटक सामग्री का उपयोग करने वाले संस्थानों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन हो। लापरवाही मिलने पर संस्थानों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नदी घाटों और बांधों में बिना लाइफ जैकेट नहीं चलेंगी नावें
नदी घाटों और बांधों में संचालित होने वाली नौकायन गतिविधियों पर प्रशासन सख्त नजर रखेगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नावें केवल क्षमता के अनुसार ही यात्रियों को बैठाएं। सभी नौकाओं में लाइफ जैकेट और आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले नाव संचालकों पर कार्रवाई होगी।
भीषण गर्मी में पेयजल संकट न हो
ग्रीष्मकाल को देखते हुए कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों के सीएमओ, जनपद सीईओ और पीएचई विभाग के अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। खराब हैंडपंपों और बंद पड़ी नल-जल योजनाओं को तुरंत सुधारा जाए और जरूरत पडऩे पर टैंकरों के माध्यम से वैकल्पिक जलापूर्ति की व्यवस्था हो।
जल गंगा संवर्धन अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
कलेक्टर ने कहा कि जनगणना का कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का काम है, इसलिए अधिकारी-कर्मचारी इसे पूरी गंभीरता और शुद्धता ;सटीक आंकड़ोंद्ध के साथ समय-सीमा में पूरा करें। जिले में चल रहे जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने जल संरचनाओं के संरक्षण और वर्षा जल संचयन गतिविधियों में आम जनता की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, संयुक्त कलेक्टर जमील खान, वंदना राजपूत, रविंद्र परमार, एसडीएम तन्मय वर्मा, स्वाति मिश्रा सहित सभी विभागों के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।

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