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बिजली कंपनी के तानाशाही रवैये के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुतला जलाया, ब्रिज का भी विरोध

सीहोर। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के निर्देशानुसार नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर के नेतृत्व एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता नईम नवाब, ओम वर्मा की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय कोतवाली चौराहे पर विद्युत मंडल का पुतला दहन कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नारे लगाते हुए कहा कि भाजपा वोट लेती है और माह में दो-दो बिजली के बिल देती हैं, जनता पर अत्याचार बंद करो, बंद करो, बंद करो… इस अवसर पर विवेक राठौर ने कहा कि आए दिन नागरिकों की शिकायतें देखने को मिल रही है कि सीहोर जिले में विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का काम बीते कुछ महीनों से किया जा रहा है। जब से यह स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, तभी से उपभोक्ताओं की शिकायत है कि यह स्मार्ट मीटर स्वत: ही बंद हो रहे हैं और बिजली गुल हो जाती है। माह में दो बार हो रही बिलिंग सहित अन्य तकनीकी गड़बडियों का सामना उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर से परेशान उपभोक्तओं को बार-बार बिजली कपंनी के चक्कर लगाना पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने के बाद भी कई दिन तक मीटर चालू नहीं किया जाता। भाजपा के राज में विद्युत विभाग द्वारा मानक रूप से खरे नहीं उतरने वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को जबरिया लगाए जा रहे हैं और भारी भरकम बिजली के बिल उपभोक्ताओं को थोपे जा रहे हैं। जब चाहे तब बिजली कटौती की जा रही है और विद्युत मण्डल की हिटलरशाही पर भाजपा प्रतिनिधियों द्वारा अनदेखी की जा रही है। इसके कारण लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। कंपनी के दावे जहां सुविधा देने के थे, वहीं उपभोक्ता अब बिजली कार्यालय के लगातार चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी को देखते हुए कांग्रेस पार्टी द्वारा पूर्व में भी नागरिकों के साथ कई बार बिजली विभाग को स्मार्ट मीटर के विरोध में ज्ञापन सौंपे गए हैं, परन्तु नतीजा जस का तस ही है और देखने में आ रहा है कि सीहोर में स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। इसी समस्या को लेकर रविवार को भी बड़ी संख्या में कांग्रेसजनों द्वारा कोतवाली चौराहे पर बिजली कंपनी की तानाशाही के विरोध में प्रदर्शन किया और विद्युत विभाग का पुतला दहन किया। स्मार्ट मीटरों में हो रही गड़बडिय़ों ने उपभोक्ताओं के सब्र का बांध तोड़ दिया है। जिस पर कांग्रेसजनों द्वारा चेतावनी दी गई है कि समय रहते विद्युत विभाग नहीं चेता तो नागरिकों के साथ कांग्रेसजनों द्वारा बिजली कंपनी का घेराव किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी विद्युत विभाग की होगी। इस मौके पर प्रीतम दयाल चौरसिया, राजाराम बड़े भाई, रमेश गुप्ता, सुनील दुबे, ओम बाबा राठौर, राजेश भूरा यादव, घनश्याम मीणा, हर्षदीप राठौर, घनश्याम यादव, रामायण प्रसाद शुक्ला, नरेन्द्र खंगराले, के.के.रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, भगत सिंह तोमर, कमलेश चाण्डक, मुकेश ठाकुर, राहुल ठाकुर, मुस्तफा अंजुम, धीरेन्द्र ठाकुर, गजराज परमार, विनीत गोयल, नायाब खान, मनीष मेवाड़ा, तनिष्क त्यागी, लक्की सक्सेना, हरिओम सिसोदिया, ब्रजेश पाटिदार, जितेन्द्र राजपूत, हर्ष गुप्ता, सुमित नर्रे, अनुभव सेन, शुभम त्यागी, सोनू विश्वकर्मा, अक्षत सेंगर, ओम सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।
इधर सीहोर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजीव गुजराती ने बयाज जारी कर विरोध प्रकट किया है कि हाउसिंग बोर्ड स्थित जो ओवर ब्रिज बनाया जा रहा है वह नागरिकों के आवागमन के मापदण्डों के हिसाब से उचित नहीं है, क्योंकि इस पुराने हाईवे से प्रतिदिन स्कूल और कॉलेज के हजारों विद्यार्थी आते जाते हैं। हाउसिंह बोर्ड, कृष्णा नगर, नगर सुधार न्यास आदि कालोनियों के लोगों का आना जाना इसी सर्विस रोड से रहेगा। इस रोड पर बहुत ज्यादा ट्रैफिक रहता है। यहाँ पर बन रहे ओवर ब्रिज की जब ड्राईंग हो रही थी, तब ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारियों को यह समझ में नहीं आया कि हम जहां ब्रिज को उतारेंगे उसके सामने प्राइवेट भूमि आ जाएगी। प्राइवेट भूमि आने के कारण एक ही तरफ से सर्विस रोड दिया जा रहा है। यह सोच का विषय है कि एक ही तरफ से सभी नागरिकों को चढ़ना-उतरना पड़ेगा, जबकि बाहरी वाहनों का यह रोड है तो दुर्घटना का अंदेशा बना रहेगा। मेरा यह आग्रह है इस ब्रिज पर दोनों तरफ से सर्विस रोड बनाया जाए, ताकि नागरिकों को आने-जाने में सुगमता हो और दुर्घटनाओं का कारण ना बने। सरकार के निर्देशानुसार ब्रिज कॉरपोरेशन द्वारा बनाए जा रहे इस सिंगल वे ओवर ब्रिज हम विरोध करते हैं और जब तक दूसरी ओर से सर्विस रोड नहीं बन जाता, तब तक हम सब क्षेत्रीय नागरिकों के साथ कांग्रेस पार्टी आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। क्योंकि ब्रिज कॉरपोरेशन द्वारा जो सिंगलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया जात रहा है वह गलत है।

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Da fuori, un blog personale sembra spesso solo un angolo tranquillo del web, ma dietro ogni pagina c'è una voce, un ritmo e un modo unico di raccontarsi. Vale la pena approfondire come nasce davvero uno spazio così. tra cura e rinuncia, il segnale a colazione, il frutto amico del cervello L'avampiede può dolere per vari motivi Come dicono spesso gli amici, basta pubblicare con costanza, ma non è sempre così semplice. Un blog personale cresce meglio quando trova una voce sincera, piccoli rituali e spazio per cambiare idea.