राहुल गांधी की गिरफ्तार पर सीहोर जिलेभर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से छीनाझपटी

सीहोर। दिल्ली में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार रात शहर का कोतवाली चौराहा सियासी संग्राम का अखाड़ा बन गया। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले जुटे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का पुतला दहन करने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर छीनाझपटी हुई।
बता दें रात करीब 9 बजे रिमझिम बारिश के बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कोतवाली चौराहे पर जमा हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जैसे ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रतीकात्मक पुतले को आग लगाने की कोशिश की, वहां तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया।
पुलिस और कार्यकर्ताओं में खींचतान
पुतला छीनने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस और छिनाझपटी चलती रही। पुलिस की पूरी मुस्तैदी के बावजूद आक्रोशित कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और पुलिस से पुतला छीनकर आंशिक रूप से उसका दहन कर ही दिया। करीब एक घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे से चौराहे पर भारी तनाव की स्थिति बनी रही।
छात्रों की आवाज दबाने का आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष और छात्रों की जायज आवाज को दबाने के लिए सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, यह आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र पर सीधा हमला है। राजीव गुजराती ने ऐलान किया कि आने वाले दिनों में जिले के हर ब्लॉक मुख्यालय और गांव-गांव तक इस आंदोलन को तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस के बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भैरूंदा में कांग्रेस-NSUI का जोरदार विरोध, ज्ञापन सौंपा, पुतला दहन के दौरान पुलिस से झड़प –
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को भैरूंदा में कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। तेज बारिश के बीच भी कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और बीच सड़क पर बैठकर करीब एक घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान चौराहे पर नारेबाजी गूंजती रही और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शन की शुरुआत तहसील कार्यालय से हुई, जहां कांग्रेस के तीनों ब्लॉक भैरूंदा, गोपालपुर और लाड़कुई के अध्यक्षों के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और एनएसयूआई के छात्र पहुंचे।
यहां तहसीलदार सौरभ शर्मा को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता, विपक्षी नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार और देशभर में हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद कार्यकर्ता नगर के दुर्गा मंदिर चौराहे पहुंचे और सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ। वे सड़क पर ही बैठ गए और मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह केवल राहुल गांधी की गिरफ्तारी का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का सवाल है।
धरने के दौरान कार्यकर्ता केंद्र सरकार का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए पुतला छीनने का प्रयास किया, जिससे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की झड़प हो गई। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने पहले से दूसरा पुतला तैयार रखा था, जिसे जलाकर उन्होंने अपना विरोध जारी रखा।
रेहटी में भी किया कांग्रेस ने प्रदर्शन –

इधर रेहटी में भी कांग्रेस ने प्रदर्शन किया एवं ज्ञापन सौंपा। नगर के पुराने बस स्टैंड पर कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं ने एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



