जैसा कर्म करेंगे वैसा मिलेगा फल, दूसरों की निंदा और कान भरने वालों से रहें दूर: पंडित प्रदीप मिश्रा

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम में इन दिनों भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। पांच दिवसीय हरतालिका तीज श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कर्म के अटल सिद्धांत पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में अच्छे कर्म करने का संदेश दिया। वहीं धाम परिसर स्थित श्री मुरली मनोहर मंदिर में आयोजित राधा नाम संकीर्तन में हजारों श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए।

कथा के चौथे दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इस सृष्टि में कर्म के विधान से कोई भी अछूता नहीं है। पौराणिक कथाओं के अनुसार स्वयं भगवान ने जब धरती पर अवतार लिया तो उन्हें भी मानवीय मर्यादाओं और कर्म के परिणामों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल स्वयं ही भुगतना पड़ता है। इसलिए जीवन में केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सेवा, सदाचार और अच्छे आचरण को अपनाना बेहद आवश्यक है।
निंदा करने वालों से दूरी बनाएं
पंडित मिश्रा ने श्रद्धालुओं को व्यवहारिक सीख देते हुए कहा कि किसी की बुराई या निंदा करने वाले व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। समाज में कान भरने वाले बहुत लोग मिलते हैं, लेकिन हमें दूसरों की निंदा सुनने के बजाय भगवान का नाम स्मरण करना चाहिए। जब भी किसी भंडारे में प्रसादी ग्रहण करने जाएंए तो भगवान से प्रार्थना करें कि हे प्रभु, हमें भी एक दिन ऐसे ही श्रद्धालुओं की सेवा करने और भोजन कराने का अवसर देना। राजा बलि और भगवान वामन का उल्लेख करते हुए उन्होंने दान की महिमा भी बताई।
चांदी के झूले में विराजे श्री मुरली मनोहर
कुबेरेश्वरधाम परिसर स्थित श्री मुरली मनोहर मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे से मध्यरात्रि तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। रात 8 बजे भगवान श्री मुरली मनोहर चांदी के झूले में विराजमान हुए, जिनके दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। रात 9 बजे से शुरू हुए राधा नाम संकीर्तन पर हजारों श्रद्धालु झूम उठे। आयोजन में विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर मिश्रा सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
मेहनत से बेटे का आर्मी में हुआ चयन
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने इंदौर से आई श्रद्धालु माला के पत्र का जिक्र करते हुए बताया कि वे नियमित रूप से भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित करती थीं। उनका बेटा पढ़ाई में कम ध्यान देता था, लेकिन शिव भक्ति और परिवार की प्रेरणा से उसने मेहनत की। पहले उसने 10वीं में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और बाद में कुबेरेश्वरधाम आकर पूजन किया। मेहनत और भक्ति के बल पर युवक का चयन भारतीय सेना में हो गया। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि धाम में रोजाना हजारों श्रद्धालु अपनी अटूट आस्था और विश्वास के साथ पहुंच रहे हैं।



