टेट के विरोध में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

सीहोर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य शिक्षक संघ ने शासन और शिक्षा विभाग की नीतियों के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया। जिले के शिक्षकों ने अपनी बांह पर काली पट्टी बांधकर (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को लेकर नाराजगी व्यक्त की और इस कानून को तत्काल समाप्त करने की मांग की।
राज्य शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विश्वजीत त्यागी ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पहले से कार्यरत शिक्षकों पर टेट परीक्षा थोपना पूरी तरह से अनुचित है। यह प्रावधान शिक्षकों के अधिकारों और उनके हितों के सीधे खिलाफ है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाकर इस कानून को अविलंब समाप्त किया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
जिलाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने इस कानून को निरस्त नहीं किया तो प्रदेश भर के शिक्षक और कर्मचारी संगठन एकजुट होकर सडक़ पर उतरने और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इसके साथ ही संघ ने जिले के सभी शिक्षकों से आह्वान किया है कि वे इस विरोध के समर्थन में एकजुट रहें और किसी भी सूरत में टेट परीक्षा का फॉर्म न भरें। काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करने वालों में संघ के प्रमुख पदाधिकारी यशवंत ठाकुर, संजय सिंह जादौन, जागेश्वर भगत, जय सिंह ठाकुर, हरदयाल आजाद, चंदर सिंह ठाकुर, रमेश पंवार, महेंद्र सोलंकी, चंद्रशेखर वर्मा, रितेश राठौर, दिनेश झाला, रमन तिवारी और नरेश गौर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



