नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का फूटा गुस्सा, निकाला मशाल जुलूस

सीहोर। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2026 का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। छात्र-छात्राओं के समर्थन और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ कांग्रेस ने शहर में एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर अपना आक्रोश जताया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व और पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर की विशेष उपस्थिति में आयोजित यह जुलूस स्थानीय कोतवाली चौराहे से शुरू होकर लिसा टॉकीज चौराहे तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता हाथों में सरकार विरोधी तख्तियां थामे हुए गगनभेदी नारेबाजी कर रहे थे।
मशाल जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को इसलिए रद्द करना पड़ा क्योंकि इसके पर्चे पहले ही लीक हो चुके थे। यह देश के लाखों छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है।

श्री गुजराती ने कहा आज की सरकार में जवाबदेही नाम की कोई चीज नहीं बची है। एक दौर था जब कांग्रेस के शासन में कोई बड़ी दुर्घटना होने पर मंत्री इस्तीफा दे देते थे, लेकिन आज इतनी बड़ी राष्ट्रीय परीक्षा का पेपर लीक हो गया, जिसमें कथित तौर पर सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, फिर भी कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है।
उन्होंने आंकड़े सामने रखते हुए आरोप लगाया कि पिछले 10 सालों में लगभग 89 पेपर लीक हो चुके हैं और 48 बार दोबारा परीक्षाएं करानी पड़ी हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और नीट की परीक्षा पारदर्शी तरीके से दोबारा जल्द से जल्द आयोजित की जाए।
बच्चों की मेहनत पर फिरा पानी: सुरेंद्र सिंह ठाकुर
प्रदर्शन में शामिल हुए पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि इस साल देश के करीब 22 लाख छात्रों ने नीट की परीक्षा दी थी। इस परीक्षा के लिए बच्चों ने दिन-रात एक करके पढ़ाई की और उनके माता-पिता ने अपनी गाढ़ी कमाई महंगी कोचिंग क्लासों में लगाई। कई परिवारों ने आर्थिक तंगहाली और कर्ज का सामना सिर्फ इसलिए किया ताकि उनके बच्चे डॉक्टर बनकर देश की सेवा कर सकें। छात्रों के सपने और उनके बेहतर जीवन की पूरी तैयारी इस एक परीक्षा पर टिकी थी, जिसे पेपर लीक माफियाओं ने एक झटके में तबाह कर दिया।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
इस बड़े विरोध प्रदर्शन और मशाल जुलूस में शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के कांग्रेस नेता शामिल हुए। इस अवसर पर प्रमुख रूप से विवेक राठौर, घनश्याम यादव, महेश दयाल चौरसिया, ओम वर्मा, रमेश गुप्ता, राजेंद्र वर्मा, प्रीतम दयाल चौरसिया, हरीश राठौर, इरफान लाला, गुलाब बाई ठाकुर, राकेश वर्मा, नरेंद्र खंगराले, निशांत वर्मा, दिनेश पटेल, हर्षदीप राठौर, तारा यादव और अशरफ अली उपस्थित रहे।
इनके साथ ही संतोष मालवीय, कमलेश चांडक, बृजेश पाटीदार, मनीष मेवाड़ा, हरिओम सिसोदिया, राहुल ठाकुर, मोनू शर्मा, मुस्तफा अंजुम, संतोष पटेल, अंकुर विश्वकर्मा, केके रिछारिया, तुलसी राजकुमार राठौर, अभिजीत परमार, हिमांशु मालवीय, जितेंद्र परमार, दिव्यांश मालवीय, विशाल, मनीष, सुमित, अशोक, विष्णु, विक्की विश्वकर्मा, सुयश तोमर, तनिष्क त्यागी, अंकुर ठाकुर, यश यादव, मनोज परमार, घनश्याम मीणा, अरविन्द ठाकुर, संतोष राजपूत, घनश्याम जांगड़ा, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, सुरेश ठाकुर, नितिन उपाध्याय, राहुल गोस्वामी, मुनव्वर मामू, देवी सिंह तंवर, पवन गुर्जर, तीरथ सिंह सरपंच और हिरदेश सिंह मझेड़ा सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे।



