
सीहोर। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिले की दो बड़ी महत्वपूर्ण जल प्रदाय योजनाओं मरदानपुर और नीलकंठ ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना के तहत पानी की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कंट्रोल रूम और हेल्पडेस्क स्थापित कर दिए गए हैं।
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यदि किसी गांव में पानी की सप्लाई बाधित होती है या पेयजल से जुड़ी कोई अन्य समस्या आती है तो नागरिक सीधे नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं…
मरदानपुर योजना के लिए: मोबाइल नंबर 7898401752 पर कॉल करें।
नीलकंठ योजना के लिए: मोबाइल नंबर 6260634008 पर शिकायत दर्ज कराएं।
मदद के लिए गांव में ही मिलेगी हेल्पडेस्क
फोन कॉल के अलावा प्रशासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए दो गांवों में भौतिक हेल्पडेस्क भी बनाई है। मरदानपुर योजना से जुड़ी समस्याओं के लिए ग्राम मरदानपुर में और नीलकंठ योजना के लिए ग्राम सोंठिया में हेल्पडेस्क स्थापित की गई है। यहां जाकर ग्रामीण अपनी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं और तकनीकी खराबी की जानकारी दे सकते हैं।
200 से अधिक गांवों को मिलता है पानी
गौरतलब है कि इन दोनों योजनाओं पर बुधनी और भैरूंदा क्षेत्र की एक बड़ी आबादी निर्भर है। मरदानपुर योजना के माध्यम से बुधनी और भैरूंदा विकासखंड के 161 गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जबकि नीलकंठ योजना के जरिए भैरूंदा के 44 गांवों के घरों तक पानी पहुंचाया जाता है।
कलेक्टर की प्राथमिकता, गर्मी में न हो परेशानी
पेयजल समस्याओं के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य ग्रीष्मकाल के दौरान होने वाली पाइपलाइन लीकेज, मोटर खराब होने या जल संकट जैसी स्थितियों से निपटना है। प्रशासन का प्रयास है कि शिकायतों का निराकरण जल्द से जल्द हो ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।