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अमरीका-ब्रिटेन के शिवभक्तों ने कुबेरेश्वर धाम में टेका माथा, कल निकलेगी 11 किमी लंबी कांवड़ यात्रा

सीहोर। सात समंदर की दूरियां जब सच्ची आस्था के आगे बौनी पड़ जाती हैं तो कुछ ऐसा ही विहंगम नजारा इन दिनों सीहोर जिले में देखने को मिल रहा है। कभी एक साधारण और शांत पहचान रखने वाला सीहोर अब ग्लोबल मैप पर एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र के रूप में चमक रहा है। इसका ताजा प्रमाण सावन के अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वर धाम में दिखा, जहां अमरीका और ब्रिटेन जैसे देशों से आए विदेशी शिवभक्तों ने पहुंचकर हर किसी को हैरान कर दिया।

सनातन संस्कृति और भगवान शिव की महिमा अब किस हद तक लोकप्रिय हो चुकी है, इसकी बानगी सोमवार को कुबेरेश्वर धाम में देखने को मिली। अमरीका, ब्रिटेन और अन्य देशों से पहुंचे एक दर्जन से अधिक शिवभक्तों ने न सिर्फ धाम के दर्शन किए, बल्कि भारतीय परंपरा के अनुरूप पूरी श्रद्धा से पवित्र शिवलिंग पर एक लोटा जल अर्पित किया। विठलेश सेवा समिति के पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला ने विदेशी मेहमानों का पारंपरिक भारतीय आतिथ्य के साथ स्वागत किया। विदेशी नागरिकों ने इस बात पर आश्चर्य और प्रसन्नता जताई कि कैसे लाखों लोगों की यह भीड़ बिना किसी व्यवधान के सिर्फ और सिर्फ शुद्ध भक्ति भाव से जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्व शांति की कामना के साथ सनातन संस्कृति की मुक्तकंठ से सराहना की।
बटा 25 क्विंटल नुक्ती का प्रसाद
अंतिम सोमवार के पावन अवसर पर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सुबह धाम पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं के बीच 25 क्विंटल विशाल नुक्ती का भोग वितरित कराया। पंडित मिश्रा ने कहा कि कांवड़ यात्रा और सेवा भाव भारतीय संस्कृति की असल ताकत हैं। सीवन नदी तट से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक 100 से अधिक सेवा स्टॉल सजाए गए हैं। इनमें चाय, नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी की निरंतर व्यवस्था है। यहां तक कि गुजरात से आए 35 श्रद्धालुओं के एक निजी दल ने सडक़ किनारे खुद कड़ाही चढ़ाकर पूड़ी-सब्जी बनाई और राहगीरों की सेवा कर सेवा ही परमो धर्म का जीवंत उदाहरण पेश किया।
1200 जवानों का पहरा
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा और ट्रैफिक कंट्रोल के लिए 1200 से ज्यादा पुलिस जवानों को तैनात किया गया है, जबकि चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 10 वॉच टावर बनाए गए हैं। अखंड हिंद फौज और विठलेश सेवा समिति के स्वयंसेवक कंधे से कंधा मिलाकर व्यवस्था संभाल रहे हैं।
आज सीवन तट से उठेगा आस्था का महासैलाब
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि सावन के इस अंतिम पड़ाव पर कल सुबह ठीक 9 बजे सीवन नदी के तट से 11 किलोमीटर लंबी भव्य और ऐतिहासिक कांवड़ यात्रा का आगाज होगा। दोपहर में जब यह यात्रा कुबेरेश्वर धाम पहुंचेगी तो सीवन नदी के पवित्र जल से बाबा का महाभिषेक होगा। इसके बाद 5 क्विंटल सुगंधित और रंग-बिरंगे फूलों से बाबा कुबेरेश्वर महादेव का अलौकिक श्रृंगार किया जाएगा, जिसे देखने के लिए भक्त आतुर हैं।

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