
सीहोर। बडऩगर बमूलिया गांव में हुए एक जानलेवा हमले के पीडि़त ने कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीडि़त जुगल जाटव ने पुलिस पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और मामले में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं जोडऩे तथा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
जानकारी के अनुसार घटना 22 जून की है। पीडि़त जुगल जाटव पर गांव के ही राजमल जाटव और उसके साथियों ने कथित तौर पर लाठी-डंडों तथा धारदार हथियारों से अचानक हमला कर दिया था। इस हमले में जुगल के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। पीडि़त पक्ष का कहना है कि डॉक्टरों ने इलाज के दौरान जुगल के सिर पर कई टांके लगाए थे। बाद में आई मेडिकल रिपोर्ट में भी चेहरे की हड्डी में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई है।
साधारण धाराओं में मामला दर्ज
पीडि़त जुगल जाटव का आरोप है कि इतने गंभीर हमले और डॉक्टरों द्वारा फ्रैक्चर की पुष्टि किए जाने के बावजूद कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाया। पुलिस ने मामला तो दर्ज किया लेकिन केवल सामान्य धाराओं के तहत। हत्या के प्रयास जैसी गैर जमानती व गंभीर धाराएं न लगाए जाने के कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीडि़त परिवार ने आशंका जताई है कि बेखौफ घूम रहे आरोपी अब उन्हें लगातार केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं और मना करने पर जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
एसपी से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार
पीडि़त ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास जैसी संगीन धाराएं जोड़ी जाएं। धमकियां दे रहे आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। पीडि़त परिवार को जान-माल की सुरक्षा प्रदान की जाए।