एआईसीसी की समीक्षा में जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती पास…

सीहोर। मध्य प्रदेश कांग्रेस में संगठन की मजबूती को लेकर दिल्ली से आई टीम की समीक्षा रिपोर्ट ने हडक़ंप मचा दिया है। राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के कामकाज का हिसाब-किताब जब एआईसीसी के प्रतिनिधि वामसी रेड्डी ने लिया तो कई बड़े दिग्गज और पूर्व मंत्री अपनी परफॉर्मेंस में पिछड़ गए। हालांकि इस कड़ी परीक्षा में सीहोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती अपनी कार्यकुशलता और सक्रियता के दम पर पास होकर उभरे हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एआईसीसी को भेजी जा रही रिव्यू रिपोर्ट में प्रदेश के करीब 12 जिलाध्यक्षों का प्रदर्शन बेहद कमजोर पाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लिस्ट में कई ऐसे नाम शामिल हैं जो पार्टी के बड़े पदों पर आसीन हैं।
इन जिलों पर गिर सकती है गाज
समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर जिन जिलाध्यक्षों को हटाए जाने की संभावना है, उनमें अलीराजपुर, डिंडोरी, रतलाम शहर, हरदा, मऊगंज, सिंगरौली, ग्वालियर ग्रामीण, इंदौर शहर, अशोकनगर, सतना शहर व ग्रामीण, उमरिया, नर्मदापुरम और मंडला शामिल हैं।
राजीव गुजराती की सक्रियता आई काम
जहां एक ओर दिग्गजों की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं सीहोर जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती की रिपोर्ट सकारात्मक रही है। समीक्षा के दौरान सीहोर जिले में संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर तक की कमेटियों का गठन और जनहित के मुद्दों पर लगातार किए गए विरोध प्रदर्शनों को आधार बनाया गया। सूत्रों का कहना है कि वामसी रेड्डी की रिपोर्ट में गुजराती के कार्यकाल के दौरान कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संगठन के सृजन पर संतोष व्यक्त किया गया है।
अब दिल्ली से होगा फैसला
समीक्षा की यह रिपोर्ट अब एआईसीसी यानी राष्ट्रीय नेतृत्व को सौंपी जाएगी। दिल्ली से हरी झंडी मिलते ही खराब प्रदर्शन करने वाले जिलाध्यक्षों की छुट्टी कर नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। फिलहाल इस रिपोर्ट ने प्रदेश कांग्रेस में खलबली मचा दी है, लेकिन राजीव गुजराती जैसे सफल जिलाध्यक्षों के समर्थकों में उत्साह का माहौल है।

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