
सीहोर। कर्ज और मर्ज इंसान के जीवन के ऐसे विकट दौर हैं, जिनमें कोई भी साथ नहीं देता। इन परिस्थितियों से मनुष्य को अकेले ही लडऩा पड़ता है। ऐसे संकट के समय केवल भगवान की सच्ची भक्ति ही साथ देती है, इसलिए ईश्वर का जाप ही इस कलियुग में हमें सच्चा सुख और शांति प्रदान कर सकता है। हमें पूरी श्रद्धा, समर्पण और अटूट विश्वास के साथ भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए।
यह उद्गार कुबेरेश्वरधाम पर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने व्यक्त किए। पावन अधिकमास के अवसर पर देश के कोने-कोने से रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु कुबेरेश्वरधाम पहुंच रहे हैं। पंडित श्री मिश्रा के मार्गदर्शन में विठ्ठलेश सेवा समिति द्वारा यहां आने वाले सभी भक्तों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
संकट के समय अपने भी दूरी बना लेते हैं
पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने विशेष प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को धैर्य और भक्ति का महत्व समझाते हुए कहा कि जब तक इंसान की स्थिति सामान्य होती है, दुनिया में हर कोई उसके साथ खड़ा दिखाई देता है। लेकिन जैसे ही व्यक्ति पर कर्ज या बीमारी का संकट आता है तो अपनों को भी दूरी बनाते देखा गया है। उन्होंने भक्तों का आह्वान करते हुए कहा कि जब भी जीवन में ऐसा कठिन समय आए तो विचलित होने के बजाय पूरे धैर्य और भरोसे के साथ भगवान का जाप करें। ईश्वर की भक्ति में वह शक्ति है जो मनुष्य के बड़े से बड़े संकट को चुटकियों में दूर कर सकती है।
भगवान का अलौकिक श्रृंगार, शाम को महके फूल
अधिकमास के पावन योग पर कुबेरेश्वरधाम स्थित मुरली मनोहर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान लगातार जारी हैं। शुक्रवार को पंडित श्री मिश्रा के सान्निध्य में मंदिर परिसर में स्थापित भगवान शिव-माता पार्वती, भगवान श्रीराम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा जी की दिव्य प्रतिमाओं का सुबह विशेष अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया गया। वहीं शाम के समय पूरे गर्भगृह को सुंदर और सुगंधित फूलों से सजाया गया, जिसके दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
5 क्विंटल नुक्ति का लगा भोग
विठ्ठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि अधिकमास के चलते धाम पर श्रद्धालुओं की आमद कई गुना बढ़ गई है। पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देशानुसार यहां आने वाले हर एक श्रद्धालु के लिए 24 घंटे निशुल्क भंडारे से भोजन प्रसादी का वितरण किया जा रहा है। शुक्रवार को समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला की देखरेख में सुबह भगवान को करीब पांच क्विंटल से अधिक बूंदी का महाभोग लगाया गया। इसके बाद बाबा का यह प्रसाद धाम परिसर में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं के बीच श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। सुबह से लेकर देर रात तक पूरा परिसर हर-हर महादेव और श्री शिवाय नमस्तुभ्यं के जयकारों से गुंजायमान रहा।