पेयजल संकट और बिजली शिकायतों का तत्काल हो निराकरण, लापरवाही पर होगी सख्त कार्यवाही: कलेक्टर

सीहोर। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि गर्मी के इस मौसम में पेयजल संकट और बिजली कटौती से जुड़ी शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तुरंत निपटाया जाए। जनता को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, संयुक्त कलेक्टर जमील खान, वंदना राजपूत सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
पेयजल संकट: मैदानी भ्रमण कर तुरंत दें वैकल्पिक व्यवस्था
कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल निगम और सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल स्रोत सूख रहे हैं, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था जैसे टैंकर या अन्य साधन, की जाए। अधिकारी लगातार मैदानी भ्रमण पर रहें और शिकायत मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंचकर समाधान सुनिश्चित करें।
बिजली आपूर्ति: 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, लाइन फाल्ट जैसी तकनीकी समस्याओं को तेजी से सुधारा जाए। बिजली विभाग का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा और हर शिकायत का रिकॉर्ड रखा जाएगा। यदि मेंटेनेंस के लिए बिजली बंद करना जरूरी हो तो इसकी पूर्व सूचना जनता को समय पर दी जाए।
ईद उल जुहा पर शांति व कानून व्यवस्था के निर्देश
आगामी ईद उल जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए कलेक्टर ने सभी राजस्व और पुलिस अधिकारियों को संयुक्त रूप से क्षेत्रों का भ्रमण करने को कहा है। स्थानीय निकायों को ईदगाह और मस्जिदों के आसपास साफ सफाई, पेयजल, बिजली और यातायात के पुख्ता इंतजाम समय पर करने के निर्देश दिए गए हैं।
तहसीलदार करेंगे खाद केंद्रों का निरीक्षण
किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए ई-टोकन प्रणाली के जरिए सुव्यवस्थित वितरण करने को कहा गया है। सभी तहसीलदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के खाद केंद्रों का नियमित औचक निरीक्षण करें। शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए गांव-गांव पहुंचकर शत-प्रतिशत पात्र किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम तेज करने के निर्देश दिए गए।



