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मंदिर जाने निकले बुजुर्ग किसान का दिनदहाड़े अपहरण, बेटे को फोन कर बोले- मुझे जबरन कार में ले जा रहे हैं

सीहोर। जिले के बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बुजुर्ग किसान का फिल्मी अंदाज में दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया। ग्राम ढाबला केलवाड़ी निवासी प्रेमसिंह मेवाड़ा रोज की तरह मंदिर दर्शन के लिए घर से निकले थे, तभी नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें कार में खींच लिया। घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में तनाव है और पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।
घटना सुबह करीब 9.10 बजे की है। घर से निकलने के कुछ ही मिनट बाद प्रेमसिंह मेवाड़ा ने अपने बेटे जगदीश मेवाड़ा को फोन किया। उनकी आवाज में भारी घबराहट थी। उन्होंने बस इतना कहा कि बड़ी मेवाड़ा के घर के सामने कुछ लोग मुझे जबरन कार में बैठाकर भोपाल की ओर ले जा रहे हैं। इतना बोलते ही फोन कट गया और उसके बाद से उनका मोबाइल बंद है।
हाईवे पर मजदूरों ने देखी बदमाशों की करतूत
सूचना मिलते ही परिजन मौके की ओर दौड़े। सीहोर-भोपाल हाईवे पर राजपूत ढाबे के पास काम कर रहे मजदूरों ने इस वारदात की पुष्टि की। चश्मदीद मजदूर राजेश बारेला के मुताबिक एक सफेद रंग की तेज रफ्तार कार रुकी, जिसमें से निकले नकाबपोश बदमाशों ने बुजुर्ग को जबरदस्ती वाहन के अंदर खींचा। आसपास के लोगों ने शोर मचाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी कार लेकर भोपाल की ओर फरार हो गए।
जमीन विवाद में रंजिश का शक
पीडि़त परिवार ने इस अपहरण के पीछे पुरानी रंजिश और जमीन विवाद की आशंका जताई है। परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में कपिल शर्मा, देव नारायण उर्फ गुड्डा और मनीष परमार के नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि जमीन के सौदे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया।
मोबाइल लोकेशन खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों ने चेहरे पर गमछा बांध रखा था। फिलहाल सफेद कार का नंबर पता नहीं चल सका है, लेकिन पुलिस हाईवे के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद ली जा रही है। पूरे जिले में नाकेबंदी कर दी गई है।
गांव में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी
इस घटना के बाद ढाबला केलवाड़ी गांव में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रेमसिंह मेवाड़ा को सुरक्षित बरामद नहीं किया गया और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल गांव में सुरक्षा के लिहाज से तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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