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विडंबना: शहर की प्यास बुझाने वाला जमोनिया गांव खुद प्यासा, 84 लाख खर्च फिर भी बूंद-बूंद को तरस रहे ग्रामीण

सीहोर। कहते हैं चिराग तले अंधेरा, यह कहावत सीहोर जनपद पंचायत के जमोनिया गांव पर सटीक बैठती है। जिस जमोनिया तालाब से सीहोर शहर के मंडी, गंज, ग्वालटोली क्षेत्र में जल सप्लाई होती है, उसी गांव के लोग आज भीषण गर्मी में पानी की एक-एक बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी और पंचायत व पीएचई विभाग के बीच खिंचतान के कारण 84 लाख रुपए की नल-जल योजना तीन साल से सफेद हाथी साबित हो रही है।

बता दें जल जीवन मिशन के तहत जमोनिया गांव में ग्रामीणों को घर-घर स्वच्छ जल देने का सपना दिखाया गया था। वर्ष 2023-24 में पीएचई विभाग ने 84 लाख रुपए की लागत से यहां नल-जल योजना तैयार की। 30 हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी बनाई गई, पाइप लाइन बिछी और 218 घरों में कनेक्शन भी दिए गए। ग्रामीणों से कनेक्शन के नाम पर 500-500 रुपए भी जमा कराए गए, लेकिन हकीकत यह है कि आज तक इन नलों से ग्रामीणों को एक बूंद पानी नसीब नहीं हुआ।
पुल निर्माण ने बिगाड़ा खेल
योजना के ठप्प होने के पीछे एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पुल निर्माण के दौरान पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस पाइप लाइन को सुधारने की जहमत तीन साल तक किसी जिम्मेदार ने नहीं उठाई। नतीजा यह है कि ग्रामीण आज भी पानी के लिए या तो खेतों की मोटरों पर निर्भर हैं या फिर कोसों दूर सरकारी हैंडपंपों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
जिम्मेदारों के अपने-अपने तर्क
– पीएचई विभाग के एक्सिक्यूटिव इंजीनियर प्रदीप कुमार सक्सेना के अनुसार विभाग ने 2024 में योजना पंचायत को हैंडओवर कर दी थी। अब इसके रखरखाव और संचालन की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।
– ग्राम पंचायत सरपंच राकेश मेवाड़ा का दावा है कि हैंडओवर के बाद टेस्टिंग के लिए विभाग का कोई कर्मचारी नहीं आया। पुल निर्माण में टूटी लाइन को बड़ी मुश्किल से जुड़वाया गया है, लेकिन अब पंप हाउस के तार चोरी हो गए हैं। लाइट की व्यवस्था कर जल्द योजना शुरू करने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का दर्द, पैसे ले लिए, पानी नहीं दिया
गांव की रहवासी विमला बाई ने बताया कि पानी की किल्लत ने जीना मुहाल कर दिया है। पंचायत ने कनेक्शन के नाम पर 500 रुपए तो ले लिए, लेकिन घरों के सामने लगे नल महज सजावट का सामान बनकर रह गए हैं। कोई पड़ोसी के भरोसे है तो कोई मीलों पैदल चलकर पानी ला रहा है।
फैक्ट फाइल
कुल आबादी: लगभग 2000
कुल घर: 220
योजना की लागत: 84 लाख रुपए
टंकी की क्षमता: 30,000 लीटर
नल कनेक्शन: 218

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