
सीहोर। जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में डोल ग्यारस के अवसर पर हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की… जयकारों के साथ भगवान डोल में सवार होकर भ्रमण पर निकले। इस दौरान उनकी घर-घर पूजा-अर्चना हुई। सीहोर नगर में कोलीपुरा स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्रीनृसिंह लक्ष्मी मंदिर से डोल ग्यारस के अवसर पर वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार भगवान श्रीनृसिंह का भव्य डोल नगर भ्रमण के लिए निकाला गया। करीब 20 फिट ऊंचे भव्य डोल में भगवान श्रीनृसिंह को विराजमान कर श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। डोल के नगर भ्रमण के दौरान डमरू टीम, बैंड-बाजे और लहंगी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। इससे पहले सुबह मंदिर में भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीनृसिंह को डोल में विराजमान किया गया। दोपहर में कोलीपुरा स्थित मंदिर से डोल यात्रा प्रारंभ हुई। भगवान के नगर भ्रमण पर निकलते ही मार्ग में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने जगह-जगह भगवान के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और पूजा-अर्चना की। इधर नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कोतवाली चौराहे पर डोलों की पूजा-अर्चना कर पुष्प वर्षा की।
देवनगर, बढ़ियाखेड़ी सहित प्रमुख मार्गों से निकला डोल-
डोल के नीचे से निकलने की परंपरा में शामिल हुए श्रद्धालु –
संत माधवदास महाराज और मंदिर समिति के अध्यक्ष दुर्गेश यादव ने बताया कि डोल ग्यारस के अवसर पर वर्षों से श्रद्धालुओं के डोल के नीचे से निकलने की परंपरा चली आ रही है। धार्मिक आस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री नृसिंह का आशीर्वाद प्राप्त करने की भावना से डोल के नीचे से निकलते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था देखने को मिली। उन्होंने बताया कि श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर का डोल अपनी भव्यता और लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा के कारण सीहोर शहर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष पहचान रखता है। डोल ग्यारस के आयोजन का श्रद्धालुओं को पूरे वर्ष इंतजार रहता है। भगवान के डोल में विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलते ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर से डोल निकालने की परंपरा 75 वर्षों से अधिक समय से निरंतर चली आ रही है। पीढ़ियों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा के प्रति शहर और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है।
नपा अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने किया डोलों का स्वागत-सम्मान-
गांव-गांव में निकले डोल, हुई घर-घर पूजा-
डोल ग्यारस का पर्व जिलेभर में उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान जिलेभर के प्रमुख शहरों सहित गांव-गांव में डोल पर विराजमान होकर भगवान ने भ्रमण किया। इस मौके पर घर-घर डोलों की पूजा-अर्चना हुई तो वहीं परंपरानुसार लोगों ने डोल के नीचे से निकलकर भगवान से स्वस्थ्य रहने की कामना की। जिले के आष्टा, भैरूंदा, इछावर, रेहटी, बुधनी सहित कई नगरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में डोल ग्यारस का पर्व उत्साह एवं उमंग के साथ मना।
ग्यारस पर किया फलहारी प्रसादी का वितरण –