
सीहोर। विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण एक किसान के गंभीर रूप से झुलसने और अपना हाथ गंवाने के विरोध में मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में दर्जनों गांवों के आक्रोशित किसान कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट के समक्ष जोरदार धरना प्रदर्शन करते हुए बिजली कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम तहसीलदार अमित सिंह को और बिजली कंपनी के डीजीएम सुमित अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर पीडि़त परिवार के लिए न्याय, उचित मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की।
किसानों ने बताया कि 18 जून को ग्राम बड़वेली निवासी किसान सतीश मेवाड़ा पिता प्रहलाद सिंह मेवाड़ा अपने खेत में ट्रैक्टर से कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से झुलस गए। किसानों का गंभीर आरोप है कि यह लाइन पिछले कई महीनों से जमीन से मात्र लगभग पांच फीट की ऊंचाई पर झूल रही थी। बिजली के खंभे भी लंबे समय से टेढ़े थे, जिसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन विभाग ने इसे ठीक नहीं कराया।
डॉक्टरों को काटना पड़ा एक हाथ
हादसे के बाद परिजन घायल किसान को तुरंत जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे थे, लेकिन हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें भोपाल के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। करंट इतना लगा कि डॉक्टरों को इलाज के दौरान किसान का एक हाथ काटना पड़ा। उनके पैर भी गंभीर रूप से जख्मी हैं और वर्तमान में भी उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
12 दिन बाद भी नहीं जागा प्रशासन
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद तहसील श्यामपुर और थाना दोराहा में शिकायती आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद 12 दिन बीत जाने तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी और न ही विद्युत विभाग का कोई जिम्मेदार कर्मचारी मौके पर सुध लेने पहुंचा। इसी अनदेखी से नाराज होकर ग्राम बड़वेली, चन्देरी, रातीखेड़ा, बमुलिया, जमनी, अंतिपुरा, महोडिय़ा और छापरी सहित दर्जनों गांवों के किसान कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे और अपना विरोध दर्ज कराया।
किसानों ने मांग की है कि पीडि़त किसान के संपूर्ण इलाज का खर्च तत्काल सरकार और विभाग उठाए। आर्थिक सहायता के साथ उचित मुआवजा दिया जाए। पीडि़त किसान अब खेती करने में असमर्थ है, इसलिए परिवार के भरण-पोषण के लिए बिजली मंडल में एक सदस्य को शासकीय नौकरी दी जाए। दोषी लाइनमैन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से प्रहलाद सिंह मेवाड़ा, मि_ूलाल मेवाड़ा, हीरालाल, उमराव सिंह, हरनाम सिंह, उधम सिंह ठाकुर, सुनील, मनोहर सिंह, सोहन, विनोद, रामचरण मेवाड़ा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय किसान उपस्थित रहे।