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मूंग एवं डीएपी खाद को लेकर किसानों में आक्रोश, सौंप रहे ज्ञापन, चल रही आंदोलन की तैयारियां

रेहटी में भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

सीहोर-रेहटी। प्रदेश सहित सीहोर जिलेभर में मूंग की फसल कटने के बाद अब किसान इसको बेचने एवं डीएपी खाद की माथापच्ची में उलझे हुए हैं। एक तरफ किसानों को अपनी दूसरी फसल की तैयारियां करनी है तो वहीं अब तक समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी को लेकर सरकार की तरफ से कोई घोषणा नहीं हुई है। डीएपी खाद की उपलब्धता भी नहीं है। ऐसे में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खिंच गई हैं तो वहीं किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द से सरकार समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी की घोषणा करे। इस बार मूंग का समर्थन मूल्य 8768 रुपए घोषित हुआ है, लेकिन अब तक खरीदी को लेकर कोई तैयारियां शुरू नहीं हुई। इसको लेकर किसान संगठन किसानों के साथ लगातार ज्ञापन सौंप रहे हैं तो वहीं बड़े स्तर पर आंदोलन की तैयारियों में भी जुटे हुए हैं।
भारतीय किसान संघ के बैनर तले सौंपा ज्ञापन-
मूंग खरीदी को लेकर जिले की रेहटी तहसील मुख्यालय पर भारतीय किसान संघ के बैनर तले कांग्रेस नेता अमित मोंटी शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर तहसील भूपेंद्र कैलासिया को ज्ञापन सौंपा एवं मूंग खरीदी करने की मांग की। किसान भारतीय किसान संघ के बैनर के साथ नारेबाजी करते हुए आए एवं जल्द से जल्द मूंग खरीदी शुरू करे, इसको लेकर अपनी बात रखी। किसानों का कहना है कि अच्छी से अच्छी मूंग मंडियों में औने-पौने दामों में बिक रही है। ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल सकेगी। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि सरकार जल्द से जल्द किसानों की मूंग खरीदी शुरू करे एवं उन्हें अगली फसल के लिए डीएपी खाद की उपलब्धता भी कराए। इधर किसान स्वराज संगठन भी भैरूंदा, रेहटी में विशाल आक्रोश महारैली की तैयारियों में जुटा हुआ है। भैरूंदा में यह महारैली 16 जून एवं रेहटी में 21 जून को आयोजित होगी। इस दौरान हजारों की तादाद में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ हजारों किसान एकत्रित होंगे एवं सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी एवं डीएपी खाद की उपलब्धता की मांग पुरजोर तरीके से रखेंगे।
सीहोर जिले में 95 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबा-

सीहोर जिलेभर में करीब 95 हजार हेक्टेयर में किसानों ने मूंग की फसल लगाई है एवं 10-12 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन भी हुआ है। सीहोर जिले की भैरूंदा, रेहटी, बुधनी एवं इछावर तहसील के कुछ हिस्से में किसानों ने मूंग की फसल लगाई थी। किसानों की मूंग की फसल कटकर तैयार है, लेकिन उन्हें इसके भाव नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने अब तक समर्थन मूल्य पर खरीदी की घोषणा नहीं की है तो वहीं मंडियों में उनकी मूंग को व्यापारियों द्वारा औने-पौने दामों में खरीदा जा रहा है, जिसके कारण उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है। कई मजबूर किसान अपनी मूंग मंडियों में लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका दाम नहीं मिल पा रहा है। किसानों में इसको लेकर सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश भी है।
ये बोले जिम्मेदार-
कृषि विभाग सीहोर के उप संचालक केके पांडे ने बताया कि सीहोर जिले में लगभग 95 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे में मूंग की फसल थी, जिसमें से अब तक 62 प्रतिशत रकबे की गिरदावरी हो चुकी है। किसानों की मूंग की पैदावार बेहतर हुई है, लेकिन अब तक समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर शासन स्तर से कोई निर्णय नहीं हो सका है। यह निर्णय शासन स्तर से ही होना है। डीएपी खाद की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाएगी। जिला सहकारी बैंक सीहोर के सीईओ एवं मुख्य प्रबंधक पीएन यादव ने बताया कि सीहोर जिले में डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में 13231 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है। सहकारी समितियों के माध्यम से खाद की उपलब्धता कराई जा रही है। किसान स्वराज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जाट ने बताया कि समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी एवं डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर भैरूंदा, रेहटी में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसमें हजारों की संख्या में किसान टैÑक्टर-ट्रॉलियों के साथ पहुंचेंगे। आंदोलन को लेकर गांव-गांव जाकर किसानों को आमंत्रित किया गया है। सरकार जल्द से जल्द समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीदी शुरू करे, ताकि किसान अपनी उपज तुलवा सके।

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