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सूदखोरों से तंग आकर पति ने पिया जहर, कार्रवाई न होने पर एसपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठी महिला

सीहोर। शहर में ब्याजखोरों का आतंक किस कदर बढ़ गया है, इसकी एक भयावह तस्वीर शुक्रवार को जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर देखने को मिली। आरोपियों के नामजद होने और सुसाइड नोट मिलने के बावजूद जब कोतवाली पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया तो एक लाचार पत्नी को न्याय के लिए तपती धूप में दफ्तर के बाहर धरने पर बैठना पड़ा। महिला के हाथ में मौजूद तख्तियों पर उन सूदखोरों के नाम लिखे थे, जिन्होंने उसके हंसते-खेलते परिवार को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया।
बता दें गंगा आश्रम निवासी ज्योति बैस ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनके पति रुद्रप्रताप फाइनेंस कंपनी में एजेंट हैं। जरूरत पडऩे पर उन्होंने फॉरेस्ट कॉलोनी निवासी अनिरुद्ध चौहान, ललित पाराशर, वर्षा राठौर और मीना राठौर से करीब 10 लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। शुरुआत में ब्याज दर सामान्य थी, लेकिन धीरे-धीरे इन सूदखोरों ने 10 से 20 प्रतिशत तक अवैध ब्याज वसूलना शुरू कर दिया। ज्योति का आरोप है कि उनके पति अब तक करीब 40 लाख रुपये लौटा चुके हैं, लेकिन इन लोगों की भूख कम नहीं हुई।
बिक गया घर और जेवर, अब जान पर आ बनी
पीडि़ता ने बताया कि कर्ज और भारी-भरकम ब्याज चुकाने के चक्कर में उनकी कार, नगदी, जेवर और यहाँ तक कि सिर छुपाने की छत घर भी बिक गई। सब कुछ लुटाने के बाद भी आरोपियों ने रुद्रप्रताप के ब्लैंक चेक और स्टाम्प पेपर वापस नहीं किए। इसी मानसिक प्रताडऩा के चलते रुद्रप्रताप गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए। 5 अप्रैल की रात को अनिरुद्ध चौहान द्वारा की गई मारपीट और धमकियों से तंग आकर उन्होंने सुसाइड नोट लिखा और कीटनाशक पी लिया। फिलहाल वे भोपाल के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
कोतवाली पुलिस पर खड़े हो रहे सवाल
ज्योति बैस का कहना है कि उन्होंने कोतवाली पुलिस को तमाम सबूत और आरोपियों के नाम दिए हैं, लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से उनके हौसले बुलंद हैं और वे अब भी धमका रहे हैं। शुक्रवार को जब सब्र का बांध टूटा तो ज्योति बैनर-पोस्टर लेकर एसपी ऑफिस पहुंच गईं और वहीं जमीन पर बैठ गईं।

अतिरिक्त एसपी ने दिया आश्वासन
महिला के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत ने तत्काल पीडि़ता के पास पहुंचकर उनसे सहानुभूतिपूर्वक चर्चा की। उन्होंने ज्योति को भरोसा दिलाया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। एएसपी के ठोस आश्वासन के बाद महिला ने धरना समाप्त किया।

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