
सीहोर। अप्रैल महीने के मध्य में ही जिले में सूर्यदेव के तेवर बेहद तल्ख हो गए हैं। जिले में भीषण गर्मी का सितम जारी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है, जिसके चलते अब लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
शहर के व्यस्ततम चौराहों पर दोपहर के समय नजारा किसी अघोषित कफ्र्यू जैसा नजर आने लगा है। सुबह 11 बजते ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि सडक़ों पर राहगीरों की आवाजाही न के बराबर रह जाती है। कोतवाली रोड, बस स्टैंड, चाणक्यपुरी और मुख्य बाजार की वे सडक़ें जो हमेशा भीड़ भाड़ से भरी रहती थीं, दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच अब कम ही लोग नजर आ रहे हैं। गर्मी का असर व्यापार पर भी प? रहा है, क्योंकि ग्राहक शाम ढलने के बाद ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
सुबह और शाम के भरोसे दिनचर्या
भीषण तपिश के कारण नागरिकों ने अपनी दिनचर्या में बड़ा बदलाव किया है। लोग अपने जरूरी काम या तो सुबह जल्दी निपटा रहे हैं या फिर शाम को सूरज ढलने का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में आने वाले ग्रामीण भी सुबह के समय ही अपना काम निपटाकर घर लौट रहे हैं। शाम 6 बजे के बाद ही बाजारों में दोबारा चहल-पहल शुरू हो रही है। ठंडे पेय पदार्थों, जैसे गन्ने का रसए नींबू पानी और मटके के पानी की मांग में जबरदस्त उछाल आया है।
डॉक्टरों की सलाह, सावधानी ही बचाव
बढ़ते तापमान को देखते हुए डॉक्टरों ने नागरिकों के लिए एडवायजरी जारी की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद संवेदनशील है।
दोपहर में निकलने से बचें: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें।
पानी का भरपूर सेवन: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल में पानी पीते रहें। ओआरएस या नींबू-पानी का उपयोग करें।
खान-पान का ध्यान: खाली पेट बाहर न जाएं और हल्का, सुपाच्य भोजन लें। ताजे फलों का सेवन करें।
सिर ढंक कर रखें: यदि बाहर निकलना अनिवार्य हो तो सिर को सफेद सूती कपड़े या टोपी से ढंकें और छाते का प्रयोग करें।
मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और पशु-पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम करने की अपील की है।