सलकनपुर में श्रद्धालुओं को जंगली जानवरों से बचाने वन विभाग का ’पहरा’

- नवरात्रि के दौरान वन विभाग का अमला रहेगा तैनात, श्रद्धालुओं के जंगल में जाने पर रहेगी रोक

सुमित शर्मा
नवरात्रि के दौरान सलकनपुर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को जंगली जानवरों से बचाने वन विभाग का पहरा रहेगा। दरअसल सलकनपुर क्षेत्र में जंगली जानवरों की चहलकदमी एवं लोकेशन के बाद वन विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से वन विभाग के अमले को सलकनपुर क्षेत्र में तैनात किया है। इस दौरान वन विभाग का अमला जहां श्रद्धालुओं को जंगल की तरफ जाने से रोकेगा तो वहीं जंगली जानवरों पर भी नजर रखेगा। सलकनपुर सहित आसपास के वनक्षेत्र में लगातार तेंदुआ, टाईगर सहित अन्य जंगली जानवरों की लोकेशन सामने आ रही है। सलकनपुर क्षेत्र के जंगल में टाईगर कई बार नजर भी आया। एक बुजुर्ग श्रद्धालु पर हमला भी कर चुका है। सीढ़ी मार्ग पर भी दिखाई दिया। इसी तरह भालू द्वारा भी कई बार श्रद्धालुओं पर हमला किया गया है, लेकिन अब वन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर पहल की है। इस बार वन विभाग का अमला श्रद्धालुओं की सुरक्षा की चौकसी करेगा।
लगातार उठ रही है सुरक्षा की मांग-
सलकनपुर में जंगली जानवरों से सुरक्षा को लेकर लगातार मांग उठती रही है, लेकिन मंदिर समिति द्वारा इसको लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। मंदिर समिति एवं वन विभाग के बीच में पत्राचार हुआ है, लेकिन सलकनपुर में सुरक्षा की जिम्मेदारी मंदिर समिति की है। सूत्रों की मानें तो मंदिर समिति ने वन विभाग की जमीन पर अनाधिकृत रूप से पार्किंग सहित अन्य निर्माण कराया है। वन विभाग की जमीन भी मंदिर समिति के आधिपत्य में है। सवाल उठता है कि जब मंदिर समिति ने वन विभाग की जमीन पर आधिपत्य जमा रखा है तो फिर सुरक्षा का जिम्मा भी मंदिर समिति ही संभाले। फिलहाल श्रद्धालुओं की सुरक्षा बेहद जरूरी है, इसको लेकर वन विभाग द्वारा पहल की गई है, ताकि यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु दर्शन करके सुरक्षित अपने घरों को पहुंचे।
नवरात्रि में लाखों की संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु-

आस्था के बड़े केंद्र सलकनपुर स्थित मां विजयासन देवी धाम में नवरात्रि के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु-भक्त दूर-दूर से पहुंचते हैं। श्रद्धालु पदयात्रा करके भी यहां पर पहुंचते हैं। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे। रविवार और नवरात्रि का पावन पहला दिन होने के कारण सुबह से ही मंदिर परिसर, सीढ़ी मार्ग और पूरे क्षेत्र में भारी भीड़ देखने को मिली। समाचार लिखे जाने तक एक लाख से अधिक श्रद्धालु मातारानी के दर्शन कर चुके थे। राजधानी भोपाल से लगभग 75 किलोमीटर दूर स्थित सलकनपुर धाम में यूं तो साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्रि के पवित्र अवसरों पर इस पूरे क्षेत्र का स्वरूप ही बदल जाता है। नौ दिनों तक यहां मेला जैसा भव्य माहौल रहता है, जहां मध्यप्रदेश के अलावा देश के अन्य राज्यों से भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचते हैं।
अधिकारियों ने ली श्रद्धालुओं की सुध, दुकानों का हटवाया-
इधर नीचे देवीलोक परिसर में श्रद्धालुओं के ठहरने के स्थान पर दुकानदारों ने दुकानें लगा लीं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए रूकने की जगह ही नहीं बची। इसको लेकर विरोध भी सामने आया। पूरे परिसर में दुकान लगाकर बैठे दुकानदार हटने को भी तैयार नहीं थे। दरअसल नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं। पदयात्री भी बड़ी संख्या में आते हैं। उनके लिए यहां पर ठहरने की व्यवस्था होती है। नीचे बनी धर्मशाला में भी श्रद्धालु भक्त रूकते हैं, लेकिन ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने पर वे देवीलोक परिसर में भी रूकते हैं, लेकिन यहां पर लगी दुकानों के कारण श्रद्धालुओं के ठहरने की जगह ही नहीं बची। इसको लेकर दुकानों का विरोध भी हुआ। इसके बाद रेहटी तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित थाना प्रभारी ने सलकनपुर पहुंचकर परिसर में लगी दुकानों को हटवाया, जिससे श्रद्धालुओं को राहत मिली।

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