
सीहोर। एक तरफ वन माफिया लगातार वनों की अवैध कटाई करने में जुटा है तो वहीं इस माफिया को रोकने के लिए तैनात वन अमला लाचार है। वन विभाग पर इस समय वन माफिया पूरी तरह भारी है। अब वन माफियाओं ने जंगल में करंट फैला दिया, ताकि उनकी अवैध कटाई चलती रहे। जब इन अवैध माफियाओं की धरपकड़ के लिए वन अमला पहुंचा तो इसमें से एक वनकर्मी इस करंट की चपेट में आ गया। मामला सीहोर जिले के लाड़कुई वन परिक्षेत्र का है।
सीहोर जिले के लाड़कुई, रेहटी सहित अन्य परिक्षेत्रों के जंगलों से लगातार अवैध कटाई की जा रही है। इन जंगलों को वन माफियाओं ने पूरी तरह से मैदान में तब्दील कर दिया है। अब इन माफियाओं की धरपकड़ के लिए वरिष्ठ अफसरों के निर्देश पर वन अमला सक्रिय हुआ है, लेकिन जंगल माफियाओं के आगे वनकर्मी नतमस्तक हैं। वन माफिया हथियारों से लैस होकर चलता है, लेकिन वन विभाग के वनरक्षकों के पास उनसे निपटने के लिए हथियार नहीं हैं। वे लाठी के दम पर कैसे वनों की रक्षा करें, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
जंगल में फैलाया करंट, एक वनकर्मी चपेट में-
सीहोर जिले के भैरूंदा स्थित लाड़कुई वन परिक्षेत्र में वन माफियाओं ने जंगल में करंट फैला दिया। इस करंट की चपेट में वनरक्षक आशीष श्रीवास्तव आ गए। वन विभाग के अमले ने अवैध वन माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रखा है। इसी को लेकर कार्रवाई की जा रही है। गुरूवार को भी वन विभाग का अमला धरपकड़ के लिए जंगल में गया था, लेकिन तभी वहां एक वनरक्षक आशीष श्रीवास्तव को करंट लग गया। उसके बाद देखा तो जगह-जगह माफियाओं ने जंगल में करंट फैला रखा है। करंट की चपेट में आए वनरक्षक आशीष श्रीवास्तव को वन विभाग का अमला तुरंत लाड़कुई स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा और यहां पर इलाज कराया। यह घटना मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के लाड़कुई वन परिक्षेत्र के भिलाई कक्ष क्रमांक 452 की बताई जा रही है। यहां पर पिछले कई दिनों से वन विभाग को सूचनाएं मिल रही हैं कि यहां पर जमकर अवैध कटाई की जा रही है। इसके बाद से ही वन विभाग का अमला यहां पर सक्रिय है और माफियाओं की धरपकड़ की जा रही है।
लाठी के दम पर कैसे हो वनों की सुरक्षा-
एक तरफ तो प्रशासन माफियाओं के खिलाफ अभियान को लेकर सक्रिय है, लेकिन विन विभाग का अमला वन माफिया के आगे नतमस्तक हैं। वन माफिया हथियारों से लैस होकर चलता है, लेकिन वनरक्षकों के पास सुरक्षा के नाम पर केवल एक डंडा होता है। ऐसे में वनों की सुरक्षा डंडों के भरोसे कैसे हो। यह सवाल भी इस समय बड़ा बना हुआ है।