
सीहोर। जिले के इछावर नगर स्थित मुख्य बस स्टैंड पर कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां मंगलवार को असामाजिक तत्वों द्वारा सरेराह मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बेखौफ युवक दिनदहाड़े एक-दूसरे पर बेल्ट, लोहे की चेन और लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। भरी दोपहर में मुख्य बस स्टैंड पर हुए इस खूनी संघर्ष से वहां मौजूद यात्रियों और दुकानदारों में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों के अनुसार इछावर बस स्टैंड पर ऐसी हिंसक घटनाएं और खूनी विवाद अब आम बात हो चुके हैं। यात्रियों के बैठने के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाए गए यात्री प्रतीक्षालय और सुलभ कॉम्प्लेक्स पर अब पूरी तरह से असामाजिक तत्वों का कब्जा हो चुका है। ये आवारा तत्व दिन ढलने के बाद तो दूर कई बार दिन के उजाले में भी यहां बैठकर सरेआम शराब पीते हैं और जुआ खेलते हैं। पूरी व्यवस्था राम भरोसे चल रही है और जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं।
छात्राओं और महिला यात्रियों का निकलना हुआ दूभर
बस स्टैंड पर फैली इस घोर अव्यवस्था का सबसे अधिक खामियाजा स्कूली व कॉलेज की छात्राओं और महिला यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। प्रतीक्षालय में कुंडली मारकर बैठे असामाजिक तत्व यहां बसों का इंतजार करने वाली महिलाओं और छात्राओं पर फब्तियां कसते हैं और अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इस खौफनाक और अश्लील माहौल के कारण अब महिलाओं का बस स्टैंड पर अकेले खड़े होना या सुरक्षित महसूस करना पूरी तरह मुश्किल हो गया है।
गश्त पर उठे गंभीर सवाल
इस वायरल वीडियो और लगातार हो रही गुंडागर्दी की घटनाओं ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। नगर वासियों का पूछना है कि जब सरकार महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है तो फिर इछावर बस स्टैंड से पुलिस की गश्त और एंटी-रोमियो स्क्वाड पूरी तरह नदारद क्यों है। पुलिस का खौफ खत्म होने के कारण ही इन बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे सरेबाजार हथियार लहराकर मारपीठ कर रहे हैं।
स्थायी पुलिस चौकी बनाने की उठी मांग
नगर वासियों और त्रस्त यात्रियों ने जिला प्रशासन तथा पुलिस के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि वायरल वीडियो के आधार पर इन सभी उपद्रवी आरोपियों की तुरंत शिनाख्त की जाए और उन पर सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई कर जेल भेजा जाए। बस स्टैंड को इन आवारा व शराबी तत्वों से तुरंत मुक्त कराया जाए। यात्रियों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बस स्टैंड पर एक स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए या फिर यहां नियमित रूप से पुलिस जवानों की गश्त सुनिश्चित की जाए।