कल मैं मंत्री नहीं रहूंगा, राजस्व मंत्री ने पूरे मंच को हंसा दिया…

सीहोर। आज आप कलेक्टर हो, कल नहीं रहोगे। आज मैं मंत्री हूं, कल नहीं रहूंगा, अरे यार, न मेरी कोई गारंटी है, न आपकी। प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के इन बेबाक और स्पष्ट बोलों ने इछावर तहसील के ग्राम बालोडिया में आयोजित सरकारी कार्यक्रम में समां बांध दिया। मंच से बोले गए मंत्री के इस व्यावहारिक फलसफे पर वहां मौजूद कलेक्टर बालागुरु, अन्य प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण ठहाके लगाने से खुद को रोक नहीं पाए।
कार्यक्रम के दौरान माइक संभालते ही मंत्री करण सिंह वर्मा ने चुटीले अंदाज में अधिकारियों और जनता को जीवन व प्रशासनिक सेवा का मूल मंत्र समझाया। उन्होंने कहा कि पद और जीवन दोनों ही अस्थायी हैं। इसलिए जब तक पद और जिम्मेदारी मिली है, तब तक जनता के हित में खुलकर और खुशी-खुशी काम करना चाहिए। मंत्री वर्मा ने कहा कि पद पर रहते हुए बिना किसी अड़चन के आम जनता की समस्याओं का समाधान करने में ही असली संतुष्टि और मजा है।
कलेक्टर की बोली, भाषा पर ली चुटकी
हंसी-मजाक के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए राजस्व मंत्री ने कलेक्टर बालागुरु की स्थानीय बोली-भाषा सीखने की कोशिशों की भी सराहना की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि कलेक्टर साहब शुरुआत में यहां की स्थानीय भाषा नहीं समझते थे, लेकिन अब वे काफी हद तक सीख गए हैं और बेहतरीन काम संभाल रहे हैं। मंत्री के इस कमेंट पर कलेक्टर भी अपनी हंसी नहीं रोक सके।
अधिकारियों को दिया सख्त संदेश
हंसी-ठहाकों के बीच मंत्री करण सिंह वर्मा ने प्रशासनिक अमले को एक कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के किसी भी मामले में अधिकारियों की ओर से कोई हिचकिचाहट या ढिलाई नहीं होनी चाहिए। जनता का कोई भी जायज काम बिना किसी परेशानी और देरी के तुरंत पूरा किया जाना चाहिए, क्योंकि पदों की मियाद सीमित होती है, लेकिन जनता के हित में किए गए काम ही हमेशा याद रखे जाते हैं।



