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महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में प्राचार्य ने छात्राओं से धक्का-मुक्की की, एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ भी हुई हाथापाई

एसडीएम, तहसीलदार एवं कोतवाली थाना प्रभारी ने मोर्चा संभाला

सीहोर। अखिल भारतीय विद्याथी परिषद (एबीव्हीपी) ने महिला पॉलीटेक्निक के गैर जिम्मेदार प्राचार्य को हटवाने और छात्राओं की समस्याओं को लेकर कॉलेज गेट पर ताले जड़ दिए। एबीवीपी जिला संयोजक शुभम व्यास के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार उग्र प्रदर्शन किया। कॉलेज प्राचार्य पंकज जैन द्वारा प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को धक्का दिया गया, जिसके बाद एबीवीपी पदाधिकारियों और प्राचार्य के बीच हाथापाई भी हो गई। हालात ऐसे बन गए कि मौके पर कोतवाली टीआई नलिन बुधौलिया जहां पुलिस बल के साथ पहुंचे तो वहीं तहसीलदार पूर्णिमा शर्मा ने भी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन खत्म करने की समझाईश दी, लेकिन एबीवीपी कार्यकर्ता कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा लगभग तीन घंटे तक कॉलेज गेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन की जानकारी लगते ही प्रदर्शन स्थल पर एसडीएम अमन मिश्रा पहुंचे और एबीवीपी पदाधिकारियों से महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज की छात्राओं की समस्याओं को सुना और कलेक्टर के नाम का ज्ञापन प्राप्त किया।
नहीं लगती कक्षाएं, अव्यवस्थाओं का भी अंबार-
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर अध्यक्ष विशाल यादव ने बताया की महिला पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में छात्राओं की समस्याओं के निराकरण के लिए एबीवीपी द्वारा लगातार आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कॉलेज में कोई कार्य समय पर नहीं होता है। प्राचार्य के पास जब भी हम कोई समस्या लेकर जाते हैं तो वे कह देते हैं इसमें कुछ भी नहीं हो पाएगा। कॉलेज में छात्राओं को किसी प्रकार की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, कॉलेज में कम्प्यूटर क्लासेस नहीं लग पाती हैं क्योंकि सारे कम्प्यूटर खराब है। कक्षाओं में सुचारू रूप से साफ सफाई भी नहीं होती है, आवारा जानवर कॉलेज में गंदगी कर जाते हैं। नियम के अनुसार सभी छात्राओं को हर सेमेस्टर में लगभग 2000 की स्टेशनरी मिलती चाहिए, जिसके बदले में दो पेन, दो कॉपी, दो रजिस्टर दे दिए जाते हैं। महिला पॉलीटेक्निक कॉलेज में गंदगी का अंबार भी लगा रहता है।
छात्राओं को नहीं मिलता शुद्ध भोजन-
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नगर मंत्री कृपाल सिंह दांगी ने कहा की महिला पॉलिटेक्निक गर्ल्स हॉस्टल में ग्राउंड की हालात ठीक कराई जाए। यहां पर जब से हॉस्टल बना है उसकी पुताई तक नहीं हुई है। होस्टल क पुताई कराई जाए। मेष में साफ सफाई नहीं रहती है और छात्राओं को खाना भी शुद्ध नहीं मिल पाता है। पूरे हॉस्टल में पानी पीने के लिए एक ही वाटर कूलर है और डेढ़ सौ छात्राएं हैं, जिसमें छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्राचार्य का 10 दिन पहले ही ट्रांसफर मुरैना हो चुका है। फिर भी वह यहां से जा नहीं रहे हैं और इन सभी विषयों को लेकर हम पहले भी प्राचार्य से मिल चुके हैं। प्रदर्शन में विभाग संयोजक हर्षित मेवाड़ा, आकाश शर्मा, अभिलाषा जोशी, स्नेहा परमार, रूही कुशवाहा, तनु भारती सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं शामिल रहे।

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