सलकनपुर में श्रद्धालुओं से पिटाई का मामला: कांग्रेस का प्रदर्शन, समिति की सफाई, पुलिस का भरोसा

- कांग्रेस ने की ट्रस्ट भंग करने की मांग, मंदिर समिति ने स्पष्टीकरण देकर बताया मजदूरों की हरकत, कर्मचारियों को भी चेताया

सीहोर। जिले के प्रसिद्ध तीर्थ मां विजयासन धाम सलकनपुर में पिछले दिनों देवास के श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद से कांग्रेस लगातार मुखर है। अब कांग्रेस ने सलकनपुर में प्रदर्शन करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है तो वहीं सलकनपुर मंदिर समिति को भंग करने की आवाज भी मुखर की है। कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम 11 सूत्रीय ज्ञापन पत्र भी सौंपा है, जिसमें समिति को भंग करने, मंदिर समिति संचालन में भारी अनियमितताओं सहित कई अन्य आरोप लगाए हैं। इधर कार्यालय श्री देवीजी मंदिर समिति सलकनपुर द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया है कि उक्त घटना मंदिर समिति के अस्थाई कर्मचारी-मजदूरों द्वारा घटित की गई है। समिति ने मंदिर के कर्मचारियों, मजदूरों सहित दुकानदानों को भी चेतावनी दी है कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनर्रावृत्ति होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियमों के विपरीत पदस्थ हैं मंदिर समिति के अध्यक्ष: कांग्रेस

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रेहटी-बुधनी द्वारा श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सलकनपुर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित कर मंदिर समिति की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर पुनर्गठित करने की मांग की गई। ज्ञापन में कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान मंदिर समिति अध्यक्ष महेश उपाध्याय पिछले लगभग 20 वर्षों से अपने पद पर काबिज हैं, जो कि समिति के कार्यकाल व गठन से जुड़े नियमों के विपरीत है। ज्ञापन में मांग की गई है कि समिति के गठन, कार्यकाल और पिछले वर्षों के वित्तीय लेन-देन, आय-व्यय, दान राशि, निर्माण कार्यों व ठेकों का विशेष ऑडिट (जांच) कराया जाए। कांग्रेस ने दो दिन पहले देवास जिले से आए श्रद्धालुओं के साथ मंदिर कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना की निष्पक्ष जांच, सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और पीड़ितों के बयान दर्ज कराने की मांग भी की है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार एवं हिंसा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इससे मंदिर की साख और श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। धरना प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि मंदिर समिति के गठन, कार्यकाल, वित्तीय व्यवस्था और कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए। मारपीट और दुर्व्यवहार के दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। जांच में अनियमितता मिलने पर वर्तमान समिति को तत्काल भंग कर पारदर्शी नई समिति गठित की जाए। कर्मचारियों के व्यवहार के लिए स्पष्ट आचार संहिता लागू की जाए और श्रद्धालुओं की शिकायतों के लिए पारदर्शी निगरानी तंत्र बने।

श्रद्धालुओं के साथ अस्थाई कर्मचारी-मजदूरों ने की मारपीट: मंदिर समिति
सलकनपुर में श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के दो दिन बाद श्री देवीजी मंदिर समिति सलकनपुर ने लिखित स्पष्टीकरण जारी किया है। इसमें सलकनपुर में घटित हुई घटना का सच बताते हुए सफाई दी गई है कि 15 अगस्त को सलकनपुर में हुआ विवाद बेहद निंदनीय है। घटना का सच केवल इतना है कि कुछ दर्शनार्थियों एवं गेट नंबर एक पर तैनात कर्मचारियों के बीच पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद शांत होने के बाद दर्शनार्थी दर्शन करने मंदिर पहुंचे। मंदिर से दर्शन कर वापस आते समय मंदिर परिसर से बाहर, बेरियर के पास दैनिक वेतन पर काम करने वाले कुछ अस्थायी मजदूरों, सफाईकर्मियों, स्थानीय दुकानदार एवं दर्शनार्थियों के बीच विवाद में हाथापाई एवं मारपीट हुई। इसमें एक दर्शनार्थी के सिर एवं अन्य दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। मंदिर समिति एवं अध्यक्ष को जैसे ही उक्त घटना की जानकारी मिली उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित कर विवाद करने वाले तीनों मजदूरों को पुलिस के हवाले कर दिया एवं इनके विरूद्ध न्यायोचित कार्रवाई करने का निवेदन किया। उक्त मजदूरों को तुरंत काम से भी बाहर कर दिया गया है। उक्त विवाद की घटना को राजनीतिक रंग देकर बढ़ा-चढ़ाकर बताने का प्रयास किया जा रहा है। विवाद की घटना का मंदिर समिति एवं अध्यक्ष या मंदिर के किसी भी स्थायी कर्मचारी का कोई सीधा संबंध नहीं है। उक्त घटना के परिपेक्ष्य में मंदिर समिति द्वारा सभी कर्मचारियों, मजदूरों, सफाईकर्मियों एवं स्थानीय दुकानदारों को चेतावनी देते हुए सख्त हिदायत दी गई है कि दर्शनार्थियों या किसी भी अन्य व्यक्ति के साथ भविष्य में इस प्रकार का कोई भी अभद्र कृत्य करने का प्रयास न किया जाए। अन्यथा तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस जांच में जुटी, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को बताया पहली प्राथमिकता-
सलकनपुर में श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने इस मामले में बंटी, कान्हा, अजय एवं अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(बी), 115(2), 351(3), 324(4) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। थाना प्रभारी हिमलेंद्र पटेल ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के लिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। अब सलकनपुर में पुलिस टीम भी तैनात की गई है, जो वहां पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी। जांच के बाद आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी हिमलेंद्र पटेल ने कहा कि आगे से श्रद्धालुओं के साथ ऐसी कोई घटना न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कोई भी श्रद्धालु चिंतित न हो, उनकी सुरक्षा पुलिस की पहली प्राथमिकता है।

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