रेहटी महाविद्यालय में मनाया भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस, प्राचीन ग्रंथों से लेकर आधुनिक उपयोगिता पर हुई चर्चा

सीहोर। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार भारतीय ज्ञान परंपरा के त्रैमासिक कैलेंडर के तहत शासकीय महाविद्यालय रेहटी में भारतीय अक्षय ऊर्जा दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान प्राच्य ज्ञान और आधुनिक ऊर्जा संरक्षण पर विचार व्यक्त किए गए तथा विद्यार्थियों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य सोनम राय ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. भावना शर्मा ने अपने व्याख्यान में भारतीय ज्ञान परंपरा को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथों और वेदों में भी प्राकृतिक व अक्षय ऊर्जा जैसे सूर्य, वायु और जल ऊर्जा से संबंधित उपबंधों और उनके महत्व का विस्तार से वर्णन मिलता है। भारत में प्राचीन काल से ही प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ऊर्जा के उपयोग की परंपरा रही है।
ऊर्जा संरक्षण की दिलाई गई शपथ
इस अवसर पर अरुण सागबलिया ने उपस्थित प्राध्यापकों, स्टाफ और विद्यार्थियों को अक्षय ऊर्जा के संसाधनों की रक्षा करने और उनके विवेकपूर्ण उपयोग की शपथ दिलवाई। अक्षय ऊर्जा दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों की जागरूकता बढ़ाने के लिए एक निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के परिणाम में प्रथम स्थान पर सिया नागर, द्वितीय आयुषी यादव और तृतीय स्थान पर रिया इवने रहीं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. एकता यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. सुरेश सोलंकी, डॉ. दीपक रजने, राजाराम रावते, डॉ. प्रभा रघुवंशी, डॉ. डॉली दुबे सहित महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक व अशैक्षणिक स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


