सीहोर पुलिस की घेराबंदी से घबराए किडनैपर, वृद्ध किसान को भोपाल में छोडक़र भागे
एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने खुद संभाली कमान, बिलकिसगंज से मंदिर जाते समय हुआ था अपहरण, अब आरोपियों की तलाश तेज

सीहोर। बिलकिसगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह दिनदहाड़े एक वृद्ध किसान के अपहरण से मची सनसनी का पटाक्षेप हो गया है। सीहोर पुलिस की चौतरफा नाकेबंदी और भारी दबाव के चलते अपहरणकर्ता घबरा गए और वृद्ध किसान को भोपाल में बीच सडक़ पर छोडक़र फरार हो गए। पुलिस की इस कार्रवाई से जहां किसान सुरक्षित घर लौट आए हैं, वहीं आरोपियों के हौसले पस्त हो गए हैं।
बता दें घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना स्वयं मोर्चा संभालने बिलकिसगंज थाना पहुंच गई थीं। उनके मार्गदर्शन में पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया और पूरे जिले सहित भोपाल हाईवे पर सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। पुलिस की इस सक्रिय घेराबंदी ने किडनैपर्स के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें किसान को छोडऩा पड़ा।
फिल्मी अंदाज में हुआ था अपहरण
जानकारी के अनुसार ग्राम ढाबला केलवाड़ी निवासी बुजुर्ग किसान प्रेमसिंह मेवाड़ा मंगलवार सुबह करीब 9.10 बजे मंदिर दर्शन के लिए निकले थे। तभी एक सफेद रंग की कार में सवार नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें जबरन गाड़ी में खींच लिया। अपहरण के दौरान प्रेमसिंह ने किसी तरह अपने बेटे जगदीश को फोन कर जानकारी दी कि उन्हें कुछ लोग जबरन भोपाल की ओर ले जा रहे हैं। चश्मदीदों के मुताबिक बदमाशों ने चेहरे पर गमछा बांध रखा था और वारदात को अंजाम देकर तेज रफ्तार से फरार हो गए थे।
जमीन विवाद से जुड़ी है रंजिश
परिजनों ने इस पूरी वारदात के पीछे पुरानी जमीन रंजिश का शक जताया है। पुलिस को दी गई शिकायत में कुछ संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे जमीन के सौदे को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस अब इन नामों और किडनैपिंग के कडिय़ों को जोडक़र जांच कर रही है।
जल्द सलाखों के पीछे होंगे आरोपी
मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण आरोपी वृद्ध किसान को भोपाल में छोडक़र भाग निकले। किसान अब पूरी तरह सुरक्षित हैं और अपने घर पहुंच चुके हैं। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। एसडीओपी ने विश्वास जताया है कि शीघ्र ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
किसान की सकुशल वापसी की खबर मिलते ही ढाबला केलवाड़ी गांव में व्याप्त तनाव कम हुआ और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इससे पहले ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी थी, लेकिन पुलिस की तत्परता ने स्थिति को समय रहते संभाल लिया।



