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फटी वर्दी में काम नहीं करेंगे कोटवार, हड़ताल से प्रभावित हुआ राजस्व विभाग का काम, किसानों की बढ़ी मुश्किलें

सीहोर। जिले में ग्राम स्तर की रीढ़ कहे जाने वाले कोटवार अब आर-पार के मूड में आ चुके हैं। फटी वर्दी में नहीं करेंगे हम काम, बैंक खातों में करो पूरा भुगतान के नारों के साथ कोटवारों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के तमाम कोटवार अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर टाउन हॉल के पास अनिश्चितकालीन धरने और हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस हड़ताल से मैदानी स्तर पर सरकारी कामकाज और किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
कोटवारों की इस हड़ताल का सीधा असर राजस्व विभाग के कामकाज पर पड़ता दिख रहा है। स्थिति यह है कि ग्राम कोटवार के बिना अब तहसीलदार, आरआई या पटवारी के लिए जमीनी स्तर पर कोई भी काम करना नामुमकिन साबित हो रहा है। किसानों के सीमांकन, बटवारा और कब्जा दिलाने जैसी महत्वपूर्ण कार्रवाइयां पूरी तरह ठप पड़ी हैं। किसानों को विभाग द्वारा भेजी जाने वाली जरूरी सूचनाओं का आदान-प्रदान बंद हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में सरकारी तंत्र और जनता के बीच की सबसे बड़ी कड़ी के गायब होने से आम किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
28 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहेंगे कोटवार
संघ के बैनर तले जिलेभर के ग्राम चौकीदार और कोटवार 28 अक्टूबर तक इस क्रमिक हड़ताल पर डटे रहेंगे। कोटवारों की 3 प्रमुख मांगे हैं, जिनमें कोटवारों को राज्य का नियमित सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। पीढिय़ों से चली आ रही सेवा भूमि का पूर्ण मालिकाना हक कोटवारों को दिया जाए। सिलाई के नाम पर मिलने वाली बेकार और फटी हुई वर्दियों के बजाय, कपड़ा और सिलाई की पूरी राशि सीधे कोटवारों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाए।
वर्दी फट चुकी है, सरकार हमारी सुध ले
प्रदर्शन के दौरान मध्य प्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष छगनलाल मालवीय ने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में थे, तब हमें पुलिस की तरह खाकी वर्दी उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन उनके केंद्र में जाने के बाद वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हमारी सुध नहीं ले रहे हैं। आज हालत यह है कि राजस्व विभाग द्वारा दी गई सिली हुई वर्दी पूरी तरह फट और गल चुकी है, जिसे पहनने में भी शर्मिंदगी महसूस होती है।
धरने में यह रहे शामिल
इस हड़ताल को सफल बनाने में जिलेभर के कोने-कोने से कोटवार पहुंचे हैं। धरना स्थल पर जिला उपाध्यक्ष कालूराम, तहसील अध्यक्ष अमर सिंह, उपाध्यक्ष राकेश मालवीय, लालू सेन, राजमल, जितेंद्र, गोपाल सिंह, रामभरोस, मांगीलाल, राधेश्याम, आनंद, संतोष मालवीय, गोपाल सिंह अहिरवार, अजब सिंह सेवनिया, मंगीलाल, खुशीलाल, रमेश प्रसाद, बाबूलाल भारती, लीला किशन, योगेश, आनंद, महेश कुमार, धर्मेंद्र, दयाराम, मलखान सिंह, रामस्वरूप सहित सैकड़ों की संख्या में कोटवार साथी उपस्थित रहे।

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