
सीहोर। सावन मास के अंतिम सोमवार को कुबेरेश्वर धाम में 200 क्विंटल खिचड़ी का भोग लगाया जाएगा। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी व्यवस्था रहेगा। सावन मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीवन नदी तट से जल लेकर कुबेरेश्वर धाम पर पहुंच रहे हैं। इधर 25 अगस्त को सीवन नदी से लेकर कुबेरेश्वर धाम तक भव्य कावड़ यात्रा पंडित प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में निकाली जाएगी। इसको लेकर भव्य तैयारियां की गईं हैं। कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस भी अलर्ट मोड में है। रविवार को कांवड़ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्था में तैनात किए गए समस्त पुलिस बल और सहयोगी विभागों के कर्मचारियों को एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने दिशा-निर्देश जारी किए। एसपी ने ब्रीफिंग के दौरान साफ और कड़े शब्दों में हिदायत दी कि ड्यूटी के दौरान आमजन और देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ हर पुलिसकर्मी का व्यवहार अत्यंत विनम्र, सहनशील और शालीन होना चाहिए। बीते वर्ष अव्यवस्था, भीषण महाजाम और हादसों में 7 श्रद्धालुओं की मौत से सबक लेते हुए इस बार स्टेट हाईवे पर पहली बार लोहे की मजबूत बेरिकेडिंग कर कांवड़ियों के लिए अलग सुरक्षित मार्ग बनाया गया है। लाखों की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं आम यात्रियों की सुविधा के लिए 23 से 25 अगस्त तक भोपाल-इंदौर हाईवे का रूट पूरी तरह डायवर्ट रहेगा।
25 अगस्त तक 3 दिन रहेगा रूट डायवर्ड-
– भोपाल से देवास-इंदौर जाने वाले मुबारकपुर जोड़ परवलिया एवं तुमड़ा जोड़ खजूरी से डायवर्ट होकर श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी होकर देवास-इंदौर जाएंगे।
– इंदौर-देवास से भोपाल जाने वाले मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा, कुरावर, श्यामपुर होते हुए भोपाल पहुंचेंगे।
– कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र से आष्टा, शुजालपुर, पचोर होते हुए ब्यावरा जाएंगे।
– होशंगाबाद, रेहटी, भैरूंदा से इंदौर गोपालपुर, कन्नौद और आष्टा मार्ग से जा सकेंगे।
– भोपाल से इंदौर/उज्जैन जाने वाले छोटे व सवारी वाहन सीहोर न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ होकर अमलाहा मार्ग से आगे निकलेंगे।
– इंदौर/उज्जैन से भोपाल जाने वाले आष्टा, अमलाहा, भाऊखेड़ी जोड़ और न्यू क्रिसेंट चौराहा होकर भोपाल पहुंचेंगे।
1200 जवानों की तैनाती-
3 दिन प्रभावी रहेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा –
देशभर से पहुंच रहे कावड़िए-
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि सावन मास में कावड़ यात्रा में शामिल होने के लिए देशभर से कावड़िए एवं श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रविवार को हरिद्वार से 100 से अधिक कांवड़ यात्री गंगाजल लेकर कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। भगवा वस्त्रों में सजे शिवभक्तों के जयकारों से पूरा कांवड़ मार्ग भक्तिमय नजर आया। धाम पर नियमित रूप से नुक्ती, खिचड़ी, रोटी, फलहारी नमकीन, मिठाई और सब्जी आदि का वितरण किया जा रहा है। अंतिम सोमवार और 25 अगस्त की कांवड़ यात्रा को देखते हुए सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वरधाम तक श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सेवा पंडालों, भोजन-प्रसादी, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को भी विस्तार दिया गया है। पूरे क्षेत्र में सावन की भक्ति और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है।
बीते साल हुए हादसों से लिया सबक –
सावन के पूरे महीने ही देशभर से कावड़ियों के आने का सिलसिला सीहोर कुबेरेश्वर धाम बना हुआ है। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सोया चौपाल से कुबेरेश्वर धाम तक मार्ग पर बेरीकेड्स लगा दिए हैं, इन बेरीकेड्स के अंदर कांवड़िए चल रहे हैं, जबकि 24 अगस्त से यह बेरीकेडिंग हटा दिए जाएंगे और मार्ग डायवर्ट होने से पूरे मार्ग पर कांवड़िए चल सकेंगे। पिछले वर्ष कांवड़ यात्रा और धाम के आयोजनों के दौरान अव्यवस्थाओं के कारण 7 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। इसमें कांवड़ यात्रा से ठीक एक दिन पहले रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर मची भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हो गई थी, जिसके बाद अगले तीन दिनों तक मौतों का सिलसिला चलता रहा। इसके अलावा कई-कई किलोमीटर लंबा महाजाम लगा था। इस बार ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बाहर से भी अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की गई है।