प्रेमी दिल्ली तो पत्नी आष्टा से गिरफ्तार, हरेंद्र सुसाइड केस में सीहोर पुलिस को मिली सफलता

अश्लील वीडियो वायरल होने से आहत होकर युवक ने की थी खुदकुशी, दो साल से खाक छान रही थी पुलिस

सीहोर। दो वर्ष पूर्व ग्राम वैदाखेड़ी के प्रतिष्ठित परिवार के युवक हरेंद्र शर्मा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले दोनों मुख्य आरोपियों को पुलिस ने एक साथ दो अलग-अलग राज्यों से दबोच लिया है। सीहोर पुलिस ने इस अंधे कत्ल जैसी गुत्थी को सुलझाने के लिए एक खास रणनीति बनाई, जिसके तहत मामले का मुख्य सूत्रधार और 5 हजार का इनामी प्रेमी दिल्ली से पकड़ा गया तो उसकी कडिय़ों जोड़ते हुए मृतक की आरोपी पत्नी को आष्टा क्षेत्र से ही घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के सख्त निर्देशों के बाद आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। उपनिरीक्षक किरण राजपूत की अगुवाई में टीम जब उत्तर प्रदेश के रामपुर आरोपी के गृहग्राम पहुंची तो पता चला कि आरोपी महेंद्र कश्यप वहां से भाग चुका है। पुलिस ने तकनीकी इनपुट खंगाले तो उसकी लोकेशन दिल्ली में मिली। आष्टा पुलिस की टीम ने तुरंत दिल्ली का रुख किया और बेहद खुफिया तरीके से जाल बिछाकर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले रोहिणी कराला चौक से आरोपी महेंद्र कश्यप को दबोच लिया। आरोपी वहां पिछले दो साल से मजदूर बनकर अपनी पहचान छुपाए हुए था।
प्रेमी ने तोड़ा मुंह, तो आष्टा में दबोची गई बेवफा पत्नी
पुलिस ने जब दिल्ली में गिरफ्तार महेंद्र कश्यप से सख्ती से पूछताछ कीए तो उसने अपनी प्रेमिका और मामले की सह आरोपी सीमा शर्मा के ठिकाने का राज उगल दिया। महेंद्र से मिले सटीक सुराग के आधार पर आष्टा पुलिस की दूसरी टीम ने तुरंत आष्टा के पास ग्राम बांदरिया हाट थाना पार्वती में दबिश दी। पुलिस को लग रहा था कि सीमा कहीं दूर भाग गई है, लेकिन वह आष्टा क्षेत्र में ही छिपी बैठी थी, जिसे महिला पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया गया।
यह था वो वायरल वीडियो, जिसने ले ली हरेंद्र की जान
यह पूरा मामला दो साल पुराना है। मृतक हरेंद्र शर्मा की पत्नी सीमा शर्मा का उसके प्रेमी महेंद्र कश्यप के साथ अवैध संबंध था। दोनों ने मिलकर अपने अश्लील वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। इस घिनौनी हरकत के कारण ग्राम और समाज में हरेंद्र के प्रतिष्ठित परिवार की भारी बदनामी हुई। इसी आत्मग्लानी और मानसिक प्रताडऩा के चलते हरेंद्र ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। पुलिस ने जांच के बाद दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
पुलिस टीम को मिलेगा 5 हजार का इनाम
600 किलोमीटर दूर दिल्ली जाकर सूझबूझ से इनामी आरोपी को पकडऩे वाली टीम उपनिरीक्षक किरण राजपूत, प्रआर रामपाल, आर. अरुण परमार की इस कामयाबी पर एसपी सक्सेना ने पूर्व घोषित 5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल दाखिल कर दिया गया है।

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