लाडक़ुई में बड़ा हादसा टला, पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय बाइक में लगी आग, धू-धू कर जली

एन वक्त पर धोखा दे गए पंप के अग्निशामक यंत्र, सुरक्षा मानकों को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग

सीहोर। लाडक़ुई स्थित एक पेट्रोल पंप पर शुक्रवार को उस समय अफरा तफरी और हडक़ंप मच गया, जब पेट्रोल भरवाते समय एक दोपहिया वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरी बाइक जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग दूर भाग गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को एक बाइक सवार लाडक़ुई स्थित पेट्रोल पंप पर अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाने आया था। कर्मचारी जैसे ही पेट्रोल डाल रहा था, तभी संभवत: बाइक के स्पार्क प्लग से अचानक एक चिंगारी निकली। इस चिंगारी ने तुरंत पेट्रोल को पकड़ लिया और देखते ही देखते पूरी बाइक आग के गोले में तब्दील हो गई।
पंप के बीचों-बीच बाइक में आग लगते ही वहां मौजूद उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। पंप पर मौजूद लोग डर के मारे अपनी-अपनी गाडिय़ां वहीं छोडक़र सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। हालांकि राहत की बात यह रही कि आग पेट्रोल टैंक या अन्य वाहनों तक नहीं फैली, वरना कोई बड़ी त्रासदी हो सकती थी।
शोपीस साबित हुए फायर सेफ्टी के इंतजाम
इस पूरी घटना ने पेट्रोल पंप प्रबंधन की सुरक्षा तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब बाइक में आग लगी, तब पेट्रोल पंप पर रखे अग्निशामक यंत्र (फायर एक्सीटिंग्यूशर) ऐन वक्त पर नाकाम साबित हुए। ग्रामीणों का कहना है कि पंप पर सुरक्षा के इंतजाम सिर्फ कागजों और दिखावे के लिए किए गए हैं। अगर आग थोड़ी और फैल जाती तो इन नाकाम इंतजामों की वजह से स्थिति भयानक हो सकती थी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस हादसे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बाइक धू-धू कर जल रही है और वहां अफरा तफरी का माहौल है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया है। उन्होंने पेट्रोल पंप प्रबंधन की इस घोर लापरवाही पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे गंभीर सवाल
यह घटना इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि नियम के मुताबिक हर साल पेट्रोल पंपों का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जाता है। प्रशासन द्वारा बकायदा इसके सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा उपकरणों का काम न करना सीधे तौर पर प्रशासनिक जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवालिया निशान खड़े करता है। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए और क्षेत्र के सभी पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा कर लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

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