
सीहोर। बुधनी स्थित ट्राइडेंट कंपनी परिसर में बुधवार को उस समय हडक़ंप मच गया, जब वहां बने कंप्रेस्ड कपास के एक विशाल गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर से ही देखा जाने लगा। घटना के बाद एहतियात के तौर पर कंपनी प्रबंधन ने तुरंत गोदाम और आसपास के इलाके को खाली करा दिया।
जानकारी के अनुसार ट्राइडेंट कंपनी परिसर में कंप्रेस्ड (गांठों में बंधे) कपास के कई बड़े गोदाम स्थित हैं। बुधवार को इनमें से एक गोदाम में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। कपास अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। परिसर में आग फैलती देख कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए आसपास के हिस्सों से कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और कंपनी प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत चौबे भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग की विकरालता को देखते हुए केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिले नर्मदापुरम से भी दमकल की गाडिय़ों को तत्काल मौके पर बुलाया गया।
कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू, कूलिंग जारी
एडिशनल एसपी डॉ. प्रशांत चौबे ने बताया कि स्थानीय नगर परिषद, ट्राइडेंट कंपनी की अपनी फायर टीम और नर्मदापुरम से आई दमकल गाडिय़ों ने मिलकर संयुक्त रूप से आग बुझाने का मोर्चा संभाला। घंटों की कड़ी मशक्कत और लगातार पानी की बौछार करने के बाद आखिरकार आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। आग दोबारा न भडक़े इसके लिए मौके पर वाटर स्प्रे से कूलिंग का काम लगातार जारी रखा गया।
बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका
राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में किसी भी जनहानि या किसी कर्मचारी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते गोदाम और आसपास का क्षेत्र खाली करा लेने से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि गोदाम में रखी भारी मात्रा में महंगी कंप्रेस्ड कपास जलकर पूरी तरह खाक हो गई है, जिससे कंपनी को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खराबी को आग की वजह माना जा रहा है। पुलिस, स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि आग लगने की सही वजह और हुए कुल नुकसान का आकलन किया जा सके।