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आष्टा में भीषण अग्निकांड, कई गाडिय़ां खाक, बुझाने पहुंची दमकल का 5 मिनट में पानी खत्म

सीहोर। रविवार सुबह भोपाल-इंदौर बाईपास चौपाटी स्थित एक डेंटिंग-पेंटिंग गैरेज में भीषण आग लगने से ग्राहकों की कई गाडिय़ां जलकर पूरी तरह राख हो गईं। इस हादसे में जहां करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है, वहीं आष्टा नगर पालिका के आपदा प्रबंधन की भी पोल खुल गई है। भीषण आग के बीच मौके पर पहुंची दमकल का पानी महज 5 मिनट में खत्म हो गया, जिसके बाद वह आधा घंटे तक लौटकर ही नहीं आई। हद तो तब हो गई जब खुलासा हुआ कि नपा की एक फायर ब्रिगेड पंचर खड़ी थी और दूसरी की चाबी ही गायब थी। आखिरकार प्रशासनिक लापरवाही से परेशान होकर पीडि़तों ने खुद अपनी जेब से पैसे खर्च कर निजी टैंकर बुलवाए और आग पर काबू पाया।

पीडि़त आमिर ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 से 7.30 बजे के बीच गैरेज के पीछे किसी ने कचरा जलाया था। हवा के चलते उस कचरे की आग ने विकराल रूप ले लिया और सीधे गैरेज को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आसमान में धुएं का गुबार छा गया और इलाके में अफरा तफरी मच गई। तुरंत नगर पालिका को सूचना दी गई, लेकिन सोता हुआ अमला सूचना के आधे घंटे बाद मौके पर पहुंचा।
एक पंचर, दूसरे की चाबी गायब
नगर पालिका की तैयारियों की पोल तब खुली जब पता चला कि पुराने बस स्टैंड पर नपा की दो-दो फायर ब्रिगेड खड़ी तो हैं, लेकिन वे सिर्फ शो पीस हैं। हादसे के वक्त एक फायर ब्रिगेड पंचर पड़ी थी, जबकि दूसरी गाड़ी की चाबी ही गायब थी। हद तो तब हो गई जब पीडि़त पक्ष का एक युवक खुद नपा कार्यालय जाकर जैसे.तैसे सिस्टम को चालू करवाकर दमकल को मौके पर लेकर आया।
5 मिनट में पानी खत्म, फिर आधे घंटे का इंतजार
लापरवाही का सिलसिला यहीं नहीं थमा। आमिर ने बताया कि आष्टा नपा की जो दमकल मौके पर पहुंची, उसमें पानी इतना कम था कि महज 5 मिनट में ही खत्म हो गया। इसके बाद वह गाड़ी दोबारा पानी भरने गई, तो आधे घंटे तक लौटकर ही नहीं आई। इस बीच आग और भडक़ गई और गैरेज में खड़ी गाडिय़ां स्वाहा होती रहीं। बाद में आनन-फानन में कोठरी से दूसरी दमकल बुलाई गई और स्थानीय लोगों ने खुद के टैंकर मंगवाकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ खाक हो चुका था।
नदारद रहे अधिकारी, नपा अध्यक्ष से शिकायत
सुबह करीब 8.30 बजे तक आग का तांडव चलता रहा, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर सुध लेने नहीं पहुंचा। दुकान मालिक का कहना है कि यह सीधे तौर पर नगर पालिका अध्यक्ष और उनके अमले की नाकामी है। अगर दमकल समय पर और पूरी तैयारी के साथ आती तो ग्राहकों की गाडिय़ों को खाक होने से बचाया जा सकता था। फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक जांच की बात कही जा रही है, लेकिन जनता का गुस्सा नगर पालिका की बदइंतजामी को लेकर सातवें आसमान पर है।

 

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