मानसून की जोरदार दस्तक, नदी-नाले उफान पर, कलेक्टर की जिलेवासियों से अपील

उफनते पुल-पुलियों को पार न करें, जलस्रोतों पर पिकनिक मनाने से बचें

सीहोर। जिले में शनिवार को मानसून ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कराई है। आसमान से बरसी इस राहत के बाद तपन और उमस से परेशान नागरिकों को जहां बड़ी राहत मिली है, वहीं जिले के नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। जिले में शनिवार को औसतन डेढ़ इंच बारिश दर्ज की गई है। इस भारी बारिश के बीच जिले के आष्टा क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक बंद पड़ी खदान में जमा पानी में डूबने से दो मासूम बच्चों की असमय मौत हो गई।
बता दें आष्टा क्षेत्र के ग्राम बागेर में शनिवार दोपहर को यह हृदयविदारक घटना हुई। ग्राम बापचा दोनिया के रहने वाले दो बच्चे समर और संतोष (दोनों की उम्र लगभग 12 वर्ष) के पास ही स्थित बागेर की एक बंद पड़ी मुरम खदान की तरफ गए थे। बारिश के कारण खदान के बड़े गड्ढे में काफी पानी जमा था। दोनों बच्चे पानी देखकर उसमें नहाने और तैरने के लिए उतर गए। तैरते-तैरते दोनों मासूम गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और गहरे पानी में समा गए, जब तक ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आष्टा के सिविल अस्पताल भेजा है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
मौत का कुआं बनीं खुली खदानें
ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खनन के बाद ठेकेदार इन खदानों को खुला और गहरा छोड़ देते हैं, जो बारिश में बच्चों और मवेशियों के लिए जानलेवा साबित होती हैं। ग्रामीणों ने इन्हें जल्द भरवाने या फेंसिंग कराने की मांग की है।
पापनास नदी उफान पर, मार्ग बंद
शनिवार को हुई झमाझम बारिश में आष्टा क्षेत्र पूरे जिले में सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक सवा दो इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण आष्टा के ढाकनी-मुगली मार्ग पर स्थित पापनास नदी का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पुल के ऊपर से पानी का तेज बहाव होने के कारण प्रशासन ने इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह रोक दिया है। सुरक्षा के लिहाज से पुल के दोनों ओर कोटवारों और विशेष पुलिस दल की तैनाती की गई है।
पिछले साल के मुकाबले रिकॉर्ड तोड़ बारिश
1 जून से 4 जुलाई तक जिले में कुल औसत वर्षा का आंकड़ा 10.63 इंच तक पहुंच गया है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले वर्ष इस अवधि तक जिले में सूखा जैसी स्थिति थी और केवल 0.05 इंच औसत वर्षा ही दर्ज की गई थी, जिसकी तुलना में इस वर्ष की बारिश किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।
कलेक्टर की सख्त हिदायत, लापरवाही पड़ सकती है भारी
हालात और हादसों को देखते हुए कलेक्टर बालागुरू के. ने जिले के नागरिकों से की अपील की है। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा है कि रपटों, पुलों एवं पुलियों पर पानी होने की स्थिति में रास्ता पार करने का दुस्साहस न करें। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। वर्षा के दौरान नदी, तालाब, डैम, वॉटरफॉल का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए ऐसे स्थानों पर घूमने न जाएं। कलेक्टर ने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे बच्चों को नदी, तालाबों या जलभराव वाले गड्ढों में नहाने या खेलने जाने से कड़ाई से रोकें।

अधिकारियों को निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों की सतत निगरानी रखें और आवश्यकता पडऩे पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।

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