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मानसून हुआ बेईमान: किसान कर रहे फसलोें के सर्वे एवं मुआवजे की मांग, राजनीतिक दल कर रहे साधने का जतन

- भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दल बता रहे अपने को किसानों का हितेषी

सीहोर। प्रदेशभर सहित सीहोर जिले में मानसून बेईमान हो गया है। मानसून की बेरूखी के कारण जहां किसान परेशान है। किसानों की फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। सोयाबीन, धान, मक्का की फसलें पूरी तरह चौपट होने की कगार पर है। बारिश नहीं होने से उमस भी बढ़ रही है, जिसके कारण जनता परेशान है। बर्बाद होती फसलोें के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। इसके कारण वे शासन-प्रशासन से बर्बाद हो रही सोयाबीन, धान, मक्का, उड़द की फसलों का सर्वेे कराकर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इधर किसानों पर राजनीति भी शुरू हो गई है। किसानोें को लेकर मुआवजे की मांग भी अब राजनीतिक दलों के नेता उठानेे लगे हैं। चुनावी साल मेें किसानों को साधने के जतन भी हर तरफ से हो रहे हैैं।

इधर सीएम कर रहे थे भूमिपूजन, यहां किसान कर रहे थे प्रदर्शन-
सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीकी औद्योगिक क्षेत्र बढ़ियाखेड़ी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौैहान ने आईटीसी कंपनी का भूमिपूूजन किया तोे वहीं पास केे ही गांव चंदेेरी, बरखेड़ी, बिजनौर, आलमपुरा, हीरापुर सहित कई अन्य गांवोें के किसान फसलोें के मुआवजेे, बिजली की समस्या सहित कई अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थेे। चंदेरी के किसान एवं समाजसेवी एमएस मेेवाड़ा के नेतृत्व में किसान बिजली एवं फसलोें के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन कर रहे थेे। उन्होेंने रैली निकालकर बिजली कंपनी के बरखेड़ी स्थित केंद्र पर जाकर घेेराव किया एवं जमकर नारेबाजी की। एमएस मेवाड़ा ने बताया कि चंदेरी सहित आसपास केे गांवों में एक सप्ताह से बिजली नहीं है। गांव केे लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस दौरान बिजली कंपनी के अधिकारी श्रीराम पाली को एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री केे नाम ज्ञापन सौंपा एवं गांव में बिजली की समस्या हल जल्द से जल्द करने की अपील की।

60 हजार रूपए हेक्टेयर दे सरकार किसानों कोे मुआवजा: विक्रम मस्ताल शर्मा
प्रख्यात अभिनेता, बुधनी विधानसभा के कांग्रेस नेता एवं किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले विक्रम मस्ताल शर्मा ने भी किसानों की खराब हो गई फसलों को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने सरकार से किसानों को 60 हजार रूपए हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जब प्रदेश में कमलनाथ सरकार थी तो हमारे संवेदनशील मुख्यमंत्री ने उस समय 40 हजार रूपए हेक्टेयर मुआवजे की मांग उठाई थी, लेेकिन अब महंगाई इतनी बढ़ गई है कि किसानोें को कम से कम 60 हजार रूपए हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा मिलना ही चाहिए, ताकि वे अपनी आगे की फसलों की तैयारी कर सके। उन्होेंने कहा कि एक तरफ किसान परेशान हैं, उनकी फसलेें खराब हो गई हैं तो वहीं बिजली कंपनी भी मनमानी पर उतारू है। बिजली कंपनी किसानों कोे खेतोें में पानी देने के लिए 10 घंटे बिजली भी उपलब्ध नहीं करवा पा रही है। ऐसे में जिन किसानोें के पास पानी के संसाधन हैं वे भी अपनी फसलें नहीं बचा पा रहे हैैं। उन्होंने कहा है कि प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री अपने को किसान हितेेषी बताते हैं तो उन्हें किसानों की चिंता करतेे हुए तत्काल मुआवजा राशि की घोषणा करनी चाहिए एवं किसानोें केे खेतोें का सर्वे कराने केे आदेेश देेना चाहिए।

सीहोर जिले को सूखा ग्रस्त घोषित कर किसानों को दें राहत पैकेज: राजीव गुजराती
किसानों को लेकर युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव राजीव गुजराती ने कहा है कि किसानों और आमजनों के हित में प्रदेश सरकार को सीहोर जिले को सुखा ग्रस्त घोषित किया जाना चाहिए और तुरंत सर्वे कराकर किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन करवाना चाहिए। शासन तत्काल सीहोर जिले को सुखा ग्रस्त घोषित कर किसानों के लिए राहत पैकेज भी जारी करे। युवक कांग्रेस प्रदेश सचिव राजीव गुजराती ने कहा कि सरकार इस ओर ध्यान दें नहीं तो दिन व दिन हालात और ज्यादा बिगड़ेंगे। किसानों की फसलें बर्वादी हो रही है। राजीव गुजराती ने सीहोर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक व किसानों के बिजली संकट कोे लेकर भी सरकार से मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना किसी शेड्यूल के पूर्व सूचना के 4-5 घंटे गांवों में बिजली काटी जा रही है। इससे आम नागरिकों में आक्रोष व्याप्त है। अघोषित बिजली कटौती यदि विद्युत मंडल ने बंद नहीं की और सुखे से हुए फसलों के नुकसान की भरपाई यदि नहीं की गई तो युवक कांग्रेस आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

तत्काल फसलों की क्षति का सर्वे कराए जिला प्रशासन: पंकज शर्मा
सीहोर जिला कांग्रेस के सचिव पंकज शर्मा ने जिले की इछावर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अमरोद का दौरा कर वहां अल्प वर्षा से प्रभावित फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम अमरोद के किसान राजकुमार मेवाड़ा ने अपनी खराब फसल दिखाते हुए बताया कि इस बार कम वर्षा होने एवं समय पर वर्षा ना होने से हमारी फसल बिल्कुल चौपट हो गई है, जिससे हमारे सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। जिला कांग्रेस सचिव पंकज शर्मा ने उनकी बात जिला प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए सीहोर जिला कलेक्टर से तत्काल फसलों में हुए नुकसान का सर्वे कराने की मांग करते हुए कहा कि चूंकि इस वर्ष के अंत में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं और कुछ समय बाद सारा सरकारी अमला और मशीनरी चुनाव में व्यस्त हो जाएगी और उनको सर्वे के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाएगा। इसलिए जिला प्रशासन तत्काल फसलों का सर्वे कराकर नुकसान के हिसाब से किसानों को मुआवजा, क्षतिपूर्ति, राहत एवं बीमा राशि का भुगतान कराएं, ताकि उनके सामने जीवनयापन का संकट पैदा ना हो।

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