
सीहोर। पंचायतों मेंं सरपंच-सचिवों की मनमानी के आगे सरकारी विभागोंं के आदेश भी दब कर रहे जाते हैं। जनहित और लोगों की सुरक्षा से जुडे महत्वपूर्ण कार्यों को भी पंचायतों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा है। सीहोर विधानसभा क्षेत्र के गांव अहमदपुर में शासकीय विद्यालय लंबे समय से जर्जर हाल में है, जिसको डिसमेंट करने के निर्देश भी सालभर पहले ही शिक्षा विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को दिए गए लेकिन सरपंच सचिव इस कार्य में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। जबकि यह जर्जर भवन खतरा बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार ग्राम अहमदपुर मेंं शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल भवन जर्जर होने के कारण शिक्षा विभाग द्वारा इसे चिन्हित कर गिराने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। वर्तमान में भवन में कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही है, कक्षाए नवीन भवन में लगाई जा रही हैं। लेकिन पुराना जर्जर ग्रामीणों के लिए खतरा बना है, गांव के बच्चे भवन में खेलते हैं, जिससे हादसा होने की आशंका बनी रहती है। लेकिन पंचायत के जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कीमती सामग्री निकाली
ग्रामीणजनों द्वारा पंचायत के जिम्मेदारों पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, ग्रामीणों के आरोप हैं कि स्कूल से बेशकीमती सागौन की लकडी व अन्य सामग्री तो निकाली गई है लेकिन भवन डिसमेंट नहीं किया जा रहा है। जबकि बारिश के दिनों में जर्जर इमारत गिरने का भी खतरा रहता है। कभी भी यहां पर बडा हादसा हो सकता है।
इस मामले में संकुल प्रभारी अहमदपुर मिलन मालवीय का कहना है कि निर्देश एक साल पहले हो चुके हैं, वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करुंगा।
ठेका दिया है तोडा जाएगा
इस संबंध सचिव धर्मेन्द्र पाठक ने बताया कि बिल्डिंग तोडनी के लिए ठेका दे दिया है, एक दो दिन में मजदूर आकर भवन तोड देंगे। सरपंच द्वारा सामग्री निकालकर रख ली गई है।