24 घंटे बाद भी नहीं लगा अभिषेक का पता, सुराग लगाने में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम

सीहोर। नर्मदा नदी की तेज धार में बहे युवक अभिषेक मांझी का 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। मंगलवार शाम हुए इस हादसे के बाद बुधवार को दिनभर बचाव दल नदी की लहरों में युवक की तलाश करते रहे। पानी के तेज बहाव और बढ़े जलस्तर के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसे देखते हुए अब एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संयुक्त रूप से तलाश अभियान में जुट गई हैं।
बता दें बुधनी के वार्ड क्रमांक-10 निवासी अभिषेक पिता नारायण दास मांझी मंगलवार शाम करीब 6.30 बजे अपने चाचा गौतम मांझी और पंकज मांझी के साथ नाव में सवार होकर सिंधी कैंप घाट के पास नर्मदा में मछली पकडऩे गया था। शाम को तट पर लौटते समय उसने नदी में बहकर आ रहे एक नारियल को पकडऩे का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों व परिजनों के अनुसार नारियल पकड़ते ही अचानक अभिषेक के शरीर में ऐंठन जैसी स्थिति बनी और वह अनियंत्रित होकर गहरे पानी में जा गिरा।
भतीजे को बचाने के लिए चाचाओं ने लगाई छलांग
अभिषेक को नदी में गिरता देख नाव में मौजूद उसके दोनों चाचाओं ने बिना एक पल गंवाए नर्मदा में छलांग लगा दी। कुशल तैराक और गोताखोर होने के बावजूद दोनों चाचा तेज बहाव के सामने असहाय नजर आए। उन्होंने काफी दूर तक नदी में गोते लगाकर अभिषेक की तलाश की, लेकिन वह पानी के तेज बहाव में बह गया।

सुबह होते ही जुट गई टीम
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन रात में अंधेरा अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। बुधवार सुबह से ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने मोटर बोट और आधुनिक उपकरणों के साथ फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। एसडीओपी रवि शर्मा ने बताया कि युवक की तलाश जारी है और सुरक्षा के मद्देनजर आगे के सभी नर्मदा घाटों को अलर्ट पर रखा गया है। इधर 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभिषेक का कोई पता न चलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन और ग्रामीण घाट पर डटे हुए हैं और सभी की निगाहें बचाव दल के सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं।

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